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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कानपुर में वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव, पनकी स्टेशन के आउटर सिग्नल पर हुई घटना, यात्रियों में सनसनी

    Updated: Thu, 03 Oct 2024 10:37 PM (IST)

    कानपुर में वंदे भारत एक्सप्रेस पर अराजक तत्वों ने पत्थर चलाए जिससे ट्रेन के एक कोच का शीशा टूट गया। घटना पनकी स्टेशन के पास हुई जिससे यात्रियों में सन ...और पढ़ें

    टीमें पत्थरबाजों की तलाश कर रही हैं। (सांकेतिक तस्वीर)
    टीमें पत्थरबाजों की तलाश कर रही हैं। (सांकेतिक तस्वीर)

    HighLights

    1. वाराणसी से दिल्ली जा रही थी 20 कोच वाली वंदे भारत
    2. अचानक बरसे पत्थर, एक काेच का शीशा टूटा, यात्री सहमे

    जागरण संवाददाता, कानपुर। वंदे भारत एक्सप्रेस के एसी चेयरकार कोच पर पनकी स्टेशन के पास गुरुवार को अराजक तत्वों ने पत्थर चला दिए। पत्थरबाजी से ट्रेन के एक कोच का शीशा टूट गया। कोच में मौजूद यात्री परेशान हो गए। 

    कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर आरपीएफ पनकी ने अज्ञात पत्थरबाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस घटना के बाद जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीमों ने पनकी से भाऊपुर तक पेट्रोलिंग की। घटनास्थल के आसपास पूछताछ की गई। टीमें पत्थरबाजों की तलाश कर रही हैं।

    पत्थरबाजी से यात्रियों में सनसनी

    वाराणसी से दिल्ली जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस कानपुर सेंट्रल से चलकर शाम 7.05 बजे पनकी स्टेशन के आउटर सिग्नल से प्रवेश कर रही थी। उसी दौरान अराजकतत्वों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। एक पत्थर सी-7 कोच के शीशे में लगा, जिससे शीशा टूट गया। इससे कोच में सवार यात्रियों में सनसनी फैल गई। 

    कई यात्री घबरा गए और सीट से नीचे झुक कर बैठ गए। वंदे भारत के चालक और गार्ड ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। इस पर आरपीएफ पनकी ने अज्ञात पत्थरबाजों के खिलाफ रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। 

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    आरपीएफ पनकी और जीआरपी इस मामले में संयुक्त टीम बनाकर जांच पड़ताल में जुटी है। एसआई संतोष सिंह ने बताया मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

    पूर्व में हुई घटनाएं

    • 16 अगस्त को झांसी रूट पर पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में साबरमती बेपटरी हुई थी। ट्रेन का इंजन और 21 कोच पटरी से उतर गए थे। इस मामले में आईबी, एनआइए और एटीएस के साथ रेलवे ने भी जांच की
    • 8 सितंबर को कालिंदी एक्सप्रेस बरराजपुर से आगे भरे हुए एलपीजी सिलेंडर से टकरा गई थी। ट्रैक के किनारे पेट्रोल बम, बारूद जैसा पाउडर और माचिस मिली थी। इस मामले की जांच भी एनआइए, एटीएस, क्राइम ब्रांच और पुलिस ने की लेकिन जांच किसी नतीजे पर नही पहुंची।
    • 24 सितंबर को सरसौल के आगे प्रेमपुर में खाली छोटा सिलिंडर मिला था। इसका प्रयोग पेट्रोमैक्स के तौर पर किए जाने की जानकारी जांच में सामने आई थी। जीआरपी इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है। प्रेमपुर और बड़ा गांव के आसपास के कई लोगों से पूछताछ हुई पर कुछ कहा हासिल नहीं हुआ।
    • 29 सितंबर को भीमसेन से पांच किलोमीटर आगे गोविंदपुरी से पहले होल्डिंग लाइन पर अग्निशमन यंत्र मिला था। पुष्पक एक्सप्रेस के ड्राइवर ने इसे देखा और इमरजेंसी ब्रेक लगाया। जांच में यह कुशीनगर एक्सप्रेस का निकला था।

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