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जानें कौन थे कानपुर के विनित मिनोचा? करोड़ों कारोबार का साम्राज्य... उसूलों से हर कारोबारी वाकिफ, उसे अपनों ने ही मरवा डाला

Published: Mon, 07 Sep 2026 09:08 PM (IST)

Kanpur Businessman Vineet Minocha Murder Case: कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा ने अपने पिता के लाखों के कारोबार को ...और पढ़ें

ये फोटो एआई के सहयोग से जनरेट की गई है। इसमें कारोबारी विनीत मिनोचा की फाइल फोटो, वहीं हत्यारोपित व साजिशकर्ता।

ये फोटो एआई के सहयोग से जनरेट की गई है। इसमें कारोबारी विनीत मिनोचा की फाइल फोटो, वहीं हत्यारोपित व साजिशकर्ता।

HighLights

  1. विनीत मिनोचा ने पिता का कारोबार 50 करोड़ तक पहुंचाया

  2. हत्या के बाद रतन आर्बिट अपार्टमेंट में सुरक्षा कड़ी की गई

  3. मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे दिवंगत कारोबारी

संवाद सहयोगी, कल्याणपुर(कानपुर)। Kanpur Businessman Vineet Minocha Murder Case: दवा कारोबारी विनीत मिनोचा का ईमानदारी और उसूलों से हर व्यापारी वाकिफ था। 19 साल की उम्र में उन्होंने पिता के दवा कारोबार में कदम रखा और अपनी मेहनत, स्वभाव से फर्म का टर्न ओवर करीब 50 करोड़ तक कर दिया। उन्होंने कभी भी छोटा-बड़ा नहीं देखा, बल्कि नौकर से लेकर सिक्योरिटी गार्ड तक सभी से आते-जाते हालचाल पूछते थे।

रतन आर्बिट अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों,गार्ड और दवा कारोबारियों ने दिवंगत विनीत मिनोचा को मिलनसार और उसूल पसंद बताया है। कहा कि उन्होंने मेहनत से विरासत में मिले कारोबार को सफल बनाया है। वर्ष 1968 में उनके पिता शादी लाल मिनोचा ने फार्मा ट्रेडर्स के नाम से दवा का कारोबार शुरू किया था, जिसे उन्होंने लाखों का टर्नओवर तक पहुंचाया।

डीलर और रिटेल विक्रेता उनके शांत स्वभाव से काफी प्रभावित रहते थे। यही कारण था कि वह शहर के पांच बड़े दवा कारोबारियों में से एक बन गए थे। दवा व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेंद्र सैनी ने बताया कि विनीत मिनोचा ने वर्ष 1982 में पिता के कारोबार में कदम रखा।

फर्म की बागडोर अपने हाथ ली और ईमानदारी व मेहनत और अपने स्वभाव से आज उस कारोबार को 50 करोड़ के वार्षिक टर्नओवर तक पहुंचा दिया। सिक्योरिटी इंचार्ज गार्ड मदन ने बताया कि विनीत साहब अक्सर उनकी व ड्यूटी पर मौजूद अन्य गार्डों की कुशलक्षेम पूछते थे।

चप्पे-चप्पे पर गार्ड तैनात, शापिंग माल में पसरा सन्नाटा

कल्याणपुर: दवा कारोबारी हत्याकांड के बाद सोमवार को रतन आर्बिट अपार्टमेंट में सुरक्षा को लेकर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई। चप्पे-चप्पे पर गार्ड तैनात किए गए। कैमरों से अपार्टमेंट में हर आने-जाने वाले व्यक्ति की निगरानी रखी जा रही थी। अनजान व्यक्ति और डिलीवरी करने वालो को रोक कर जांच की गई। उनका पूरा ब्यौरा रजिस्टर में अंकित किया गया।

अब मुख्य गेट भी बंद

पहले मुख्य गेट खुला रहता था, लेकिन हत्या के बाद इसे आगंतुकों के आने-जाने के बाद बंद कर किया जाने लगा। यही नहीं पूछताछ और अन्य जरूरी औपचारिकताओं के चलते मुख्य गेट से करीब 100 मीटर की दूरी पर दाईं ओर बने शापिंग माल में सन्नाटा दिखा। यहां माल में खाने पीने की वस्तुओं के अलावा डाक्टर की क्लीनिक समेत अन्य प्रतिष्ठान हैं, जहां पर पहले बिना रोक टोक बाहरी लोगों का जमावड़ा रहता था।

 

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