करवाचौथ पर पत्नी से मिलकर लौट रहा था युवक, बंद क्रासिंग पार करते समय ट्रेन से कटकर दो की मौत; CCTV में कैद हादसा
कानपुर के पनकी में रेलवे क्रासिंग पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो ...और पढ़ें
HighLights
पनकी में रेलवे क्रासिंग पर भीषण हादसा हुआ
ट्रेन की चपेट में आने से दो युवकों की मौत
हादसा सीसीटीवी कैमरे में पूरी तरह कैद हो गया
जागरण संवाददाता, कानपुर। पनकी में गुरुवार रात को बंद रेलवे क्रासिंग पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों के शव क्षत-विक्षत हो गए। मृतकों में एक मैनपुरी का रहने वाला था। वह करवाचौथ पर पत्नी से मिलने ससुराल आया था। वहां से लौटते समय ये हादसा हो गया। पूरा हादसा क्रासिंग पर लगे कैमरे में कैद हो गया।
पनकी पड़ाव रेलवे क्रासिंग से गुरुवार रात 8.06 बजे अवध एक्सप्रेस निकल रही थी। इसी बीच गेट पारकर निकलने के चक्कर में दो युवक ट्रेन की चपेट में आ गए। गेटमैन ने इसकी सूचना दी तो पनकी पुलिस व जीआरपी वहां पहुंची। एक युवक की पहचान जेब से मिले आधार कार्ड और मोबाइल फोन से मैनपुरी के थाना किशनी के समान कटरा निवासी 35 वर्षीय संजीव कुमार उर्फ संजू के रूप में हुई। वहीं दूसरे युवक का शव बुरी तरह क्षत-विक्षत होने के कारण पहचान नहीं हो सकी है।
संजीव के पिता टीकम सिंह ने बताया कि 35 वर्षीय बेटा संजू उर्फ संजीव राजमिस्त्री था। परिवार में पत्नी संगीता और दो बच्चे लक्ष्मी व अवनीश हैं। संजीव चार दिन पहले करवाचौथ मनाने मैनपुरी से पनकी के पतरसा में ससुराल गया था। उसकी पत्नी संगीता मायके में थी।
गुरुवार रात पूजा के बाद संजीव घर लौटने के लिए निकला। उस समय पनकी पड़ाव क्रासिंग बंद थी। संजीव और दूसरा युवक क्रासिंग पार करने के लिए ट्रैक तक पहुंच गए। तभी दोनों अवध एक्सप्रेस की चपेट में आ गए।
ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि संजीव 100 मीटर तक उसके साथ घिसटता चला गया। एसीपी पनकी अमित चौरसिया ने बताया कि देर रात रेलवे क्रासिंग पर हादसे की सूचना मिली थी। एक युवक की पहचान हो गई है, जबकि दूसरे की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।
पत्नी ने रखा था व्रत, कहा-मैंने रात में जाने से रोका था लेकिन नहीं सुनी
पति की मौत की खबर मिलते ही संगीता बदहवास हो गई। रोते-बिलखते हुए वह बार-बार यही कहती रही कि मैंने उन्हें रात में घर जाने से मना किया था। कहा था कि सुबह चले जाना लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं मानी।
एक मिनट में 22 लोगों ने बंद गेट पार किया, तीन बाइक सवार भी
रेलवे क्रासिंग बंद होने के बाद भी लोगों को एक मिनट रुकना भारी लगता है। हादसे के समय एक मिनट के अंदर 22 लोगों ने ट्रैक पार किया। तीन लोग ऐसे भी थे जो बाइक क्रासिंग के नीचे से निकालकर ले गए। बंद फाटक पार करना या गेट के नीचे से गाड़ी निकालना भारतीय रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। साथ ही जान के लिए भी खतरा रहता है। रेलवे फाटक पार करने पर एक हजार तक का जुर्माना या छह महीने तक की जेल या दोनों का प्रविधान है।
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