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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    भाजपा के लिए आसान नहीं होगी उपचुनाव में जीत की राह, 1996 के बाद लगातार करना पड़ा सीसामऊ सीट पर हार का सामना

    Updated: Mon, 26 Aug 2024 08:25 AM (IST)

    Sisamau Assembly By Election उत्तर प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। इसमें सीसामऊ और मिल्कीपुर सीट काफी खास है। भारतीय जनता पार्टी इन दो ...और पढ़ें

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. भाजपा के लिए आसान नहीं सीसामऊ उपचुनाव में जीत की राह
    2. 1996 के बाद इस सीट पर जीत का सेहरा बांधने को तरस रही पार्टी
    3. लोकसभा चुनाव में वोटों का अंतर और ज्यादा बढ़ने से बढ़ी चिंता

    जागरण संवाददाता, कानपुर। सीसामऊ विधानसभा सीट का उपचुनाव जीतने के लिए भाजपा अपनी पूरी ताकत झोंक रही है, लेकिन उसके लिए जीत की राह आसान नहीं है। पार्टी लगातार पिछले पांच चुनाव यहां से हार रही है और आखिरी बार उसने 1996 में यहां जीत की खुशी मनाई थी। लोकसभा चुनाव में उसके पीछे रहने का अंतर और बढ़ गया है। जिसने मैदान में उतरने से पहले ही खतरे की घंटी बजा दी है।

    सीसामऊ विधानसभा सीट 1990 के बाद भाजपा के गढ़ के रूप में पहचानी जाने लगी थी। आरक्षित श्रेणी की इस सीट से 1991, 1993 और 1996 में भाजपा प्रत्याशी राकेश सोनकर ने लगातार तीन चुनाव जीते थे। इसके बाद भी 2002 में पार्टी ने उनका टिकट बदल कर कपूर चंद सोनकर को दे दिया था। यहीं से पार्टी के पराजय की शुरुआत हो गई।

    2002 से भाजपा को लगातार मिली हार

    इसके बाद 2007 में पार्टी ने फिर राकेश सोनकर को आजमाया, लेकिन वह भी हार गए। परिसीमन के बाद सीट सामान्य हो गई और हनुमान मिश्रा, सुरेश अवस्थी और सलिल विश्नोई सभी चुनाव लड़े, लेकिन एक-एक कर हार गए।

    अब इरफान सोलंकी की विधानसभा से सदस्यता खत्म होने के बाद पार्टी उपचुनाव में जीत की उम्मीद लगाए है। 2002 से अब तक हुए पांच चुनाव में हार का सबसे बड़ा अंतर 2012 में 19,663 वोट का था, लेकिन मई 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा और विपक्षी दल के वोट का अंतर 26,475 हजार का हो गया है, जो पार्टी के लिए चिंता का कारण है।

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    आंकड़ों को देखा जाए तो चिंता का कारण वे बूथ भी हैं, जहां भाजपा वोट ही नहीं ले पाती। 275 बूथ वाले इस विधानसभा क्षेत्र में 60 बूथ ऐसे हैं, जहां भाजपा प्रत्याशी को लोकसभा चुनाव में दहाई वोट भी नहीं मिले।

    सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र के परिणाम

    वर्ष  भाजपा वोट  विपक्षी दल वोट
    1996  43,201  26,101
    2002   23,933 29,482
    2007  24,411  25,775
    2012  36,833  56,496
    2017   67,204 73,030
    2022   66,897 79,163
    2024 लोकसभा  60,648  87,323

    भाजपा उत्तर जिलाध्यक्ष दीपू पांडेय ने बताया- घर-घर संपर्क कर रहे हैं। मतदाता सूची की अशुद्धियां खत्म कराई जा रही हैं। बहुत से बूथ पर वोट घटाए गए हैं, उन्हें सही कराया जा रहा है। करीब आठ से 10 हजार वोटों में नाम और फोटो गलत हैं, इनकी शिकायत कर रहे हैं।

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