कानपुर RTO में हंगामा, बाइक ट्रांसफर कराने के नाम पर 5000 लिए, काम न होने पर दलाल को जमकर पीटा
कानपुर आरटीओ में बाइक ट्रांसफर के नाम पर 5000 रुपये लेने और काम न करने पर एक दलाल को भाई-बहन ...और पढ़ें
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आरटीओ कार्यालय में दलाल से मारपीट करता आवेदक व उसकी बहन। जागरण
HighLights
बाइक ट्रांसफर के नाम पर 5000 रुपये लिए गए
दलाल ने छह महीने तक काम नहीं किया
आरटीओ अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए
जागरण संवाददाता, कानपुर। बाइक ट्रांसफर कराने की एवज में पांच रुपये लेने के बाद भी काम न होने और दस्तावेज न लौटाने पर आवेदक और उसकी बहन ने आरटीओ (संभागीय परिवहन कार्यालय) में दलाल को घेर लिया और मारपीट कर दस्तावेज छीन लिए। हंगामा सुनकर अधिकारी-लिपिक चेंबर-काउंटर छोड़कर मौके पर आ गए। बाद में एआरटीओ प्रशासन ने दलाल से आवेदक के रुपये लौटवाए।
घटना मंगलवार दोपहर एक बजे की है। कानपुर देहात के रूरा क्षेत्र के बनीपारा निवासी अमित ने लालबंगला के हर्ष सिंह चौहान से 30 हजार रुपये में बाइक खरीदी है। छह महीने पहले हर्ष ने दलाल राजेश से बाइक के स्वामित्व ट्रांसफर का काम करा लेने को कहा था। बाइक पर एक-एक हजार रुपये के तीन चालान हैं। दलाल ने उनसे पांच हजार रुपये लिए थे।

कार्यालय के बाहर गेट पर आवेदक अमित व उसकी बहन को समझाते आरटीओ राकेंद्र कुमार सिंह और उनके दायें खड़ी एआरटीओ प्रशासन कहकशां खातून। जागरण
अब उनसे बीमा व प्रदूषण के लिए 1800 रुपये और मांग रहा है। बाइक ट्रांसफर की कार्रवाई तक नहीं शुरू हुई और दलाल उनके (अमित) कागज भी नहीं लौटा रहा था। मारपीट की जानकारी मिलते ही एआरटीओ प्रशासन कहकशां खातून चेंबर से बाहर आ गईं और बीच-बचाव किया।
अमित ने बताया कि बाइक ट्रांसफर कराने के नाम पर दलाल राजेश ने पांच हजार रुपये लिए पर कोई काम नहीं किया। दलाल उन्हें आरटीओ के लिपिक द्वारा काम न करने का बहाना बनाकर टाल रहा था और बीमा, प्रदूषण के नाम पर और रुपये मांग रहा था। जब उन्होंने अपने कागज और पैसा मांगे दलाल ने देने से मना कर दिया।
इस पर एआरटीओ ने राजेश से अमित के रुपये लौटाने को कहा तो उसने 1900 रुपये लौटाए और 3000 रुपये वहीं मौके पर मौजूद राजेश की मां ने दिए। आरटीओ प्रशासन राजेंद्र कुमार सिंह ने भी हस्तक्षेप करते हुए जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। आवेदक को समझाया कहा कि वाहन संबंधी कार्य के लिए बाहरी व्यक्तियों के पास न जाएं, सीधे कार्यालय में अधिकारियों कर्मचारियों से संपर्क कर समस्या का निस्तारण कराएं।
