Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    छह साल पहले 2 जुलाई को हुआ था बिकरू कांड, एंटी डकैती कोर्ट में 31 गवाहों के बयान दर्ज, सुनवाई जारी

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 10:42 PM (GMT+05:30)

    चौबेपुर के बिकरू गांव में विकास दुबे गैंग द्वारा पुलिस पर हमले के छह साल बाद एंटी डकैती कोर्ट में सुनवाई जारी है। अब तक 31 लोगों की गवाही दर्ज हो चुकी ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. बिकरू कांड में आठ पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।

    2. एंटी डकैती कोर्ट में 31 लोगों की गवाही हुई।

    3. कुछ आरोपी जमानत पर जेल से बाहर आए।

    जागरण संवाददाता, कानपुर देहात। छह वर्ष पूर्व चौबेपुर के बिकरू गांव में विकास दुबे गैंग ने दबिश देने गई पुलिस पार्टी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। इसमें आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल भी हुए थे। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है, जिसमें अब तक 31 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं।

    चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को दबिश देने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे गैंग ने फायरिंग कर दी थी। घटना में आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने 45-50 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं घटना को लेकर पूरे प्रदेश में आक्रोश था और सरकार की ओर से विशेष टीम गठित कर आरोपितों की गिरफ्तारी की गई।

    बिकरू कांड मुख्य मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। एडीजीसी आशीष त्रिपाठी ने बताया कि बिकरू कांड सुनवाई पर शासन की विशेष नजर है और अब तक 31 लोगों की गवाही कराई जा सकी है। वहीं नियत तिथि पर आज मामले की सुनवाई होनी है।

    कई आरोपित जमानत पर जेल से बाहर

    मामले में कुछ दिन पहले ही जयकांत वाजपेयी व श्यामू जमानत पर जेल से बाहर आ चुके हैं, उनकी जमानत सुप्रीम कोर्ट से हुई थी। उससे पहले खुशी दुबे, गुडडन त्रिवेदी व सुशील को जमानत मिल चुकी है।

    खबरें और भी

    बिकरू के गैंग्सटर मामले में सात आरोपितों को तीन वर्ष पूर्व किया था दोषमुक्त

    बिकरू कांड में आरोपित 30 लोगों पर पुलिस ने गैंग्स्टर की कार्रवाई की थी, जिसमें तीन वर्ष पूर्व न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए सात लोगों को दोष मुक्त कर दिया। वहीं 23 लोगों को 10 वर्ष कारावास दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने विकास दुबे के खजांची जय बाजपेयी व श्यामू बाजपेयी को सशर्त जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए थे। वहीं शिव तिवारी को भी मामले में पूर्व में ही जमानत मिल चुकी है।


    श्यामू बाजपेयी, रामू बाजपेयी, जयकांत, संजय परिहार, शिव तिवारी, दयाशंकर अग्निहोत्री, बबलू मुसलमान, शशिकांत पांडेय, शिवम दुबे, गोविंद सैनी, हीरू दुबे, राहुल पाल, जहान सिंह यादव, राम सिंह यादव, मनीष उर्फ बीरू समेत 30 लोगों पर पुलिस ने गैंग्स्टर की कार्रवाई की थी, जिसकी सुनवाई यहां कोर्ट में चल रही थी।

    बचाव पक्ष के अधिवक्ता सीपी शुक्ला ने बताया कि दौरान सुनवाई न्यायालय ने 23 लोगों को दोष सिद्ध करते हुए 10-10 वर्ष कारावास के साथ ही 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी, जबकि प्रशांत उर्फ डब्बू, अरविंद त्रिवेदी उर्फ गुड्डन, संजू उर्फ संजय दुबे, राजेंद्र मिश्रा, सुशील तिवारी समेत सात लोगों को न्यायालय ने दोष मुक्त कर दिया था।