जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा कासगंज का कांच कारीगर शहबाज, कक्षा चार तक पढ़ा लेकिन सोशल मीडिया पर बेहद एक्टिव
कासगंज का शहबाज चौथी पास होने के बावजूद मोबाइल चलाने में माहिर शहबाज पर एटीएस ने इंस्टाग्राम चैट के आधार पर कार्रवाई की है, जिससे उसके परिवार में दुख ...और पढ़ें

थाना सुन्नगढ़ी क्षेत्र के गांव किलोनी किसौल में बनी शहबाज सिद्दकी की झोपड़ी। शहबाज सिद्दकी, जागरण

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जागरण संवाददाता, कासगंज। गांव किसौल किलोनी में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्ममद के सक्रिय सदस्य से तारतम्य बनाए रखने वाला युवक शहबाज पिछले दो साल से पुणे में रहकर कांच का कार्य कर रहा था। वह कांच का कारीगर है।
पिछले ढाई महीनें से गांव में ही रहने लगा था। यहीं इंटरनेट मीडिया पर उसके संबंध आतंकी संगठनों से हो गए। हालांकि वह चौथी पास है, लेकिन मोबाइल चलाने में माहिर है।
किसौल किलोनी निवासी आसिफ हुसैन उर्फ कल्लू गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। उनकी पत्नी फैमीदा और छह बच्चे हैं। जिनमें बड़ा बेटा परिवार से अलग अपने बच्चों के साथ रह रहा है।
दूसरे नंबर का शहबाज पिता के साथ पिछले दो साल से अपने पिता के साथ पुणे में रह रहा था। यहां वह कांच का काम कर रहा था। इसके बाद अचानक पिछले ढाई महीने से वह वापस घर आ गया और गांव में ही रहने लगा।
ढाई महीने पहले गांव आकर रहने लगा था शहबाज
मां फैमीदा का कहना है कि उसका बेटा सभी बच्चों में सीधा है। बाहर की पुलिस ने उसे क्यों पकड़ा है। इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि यदि बेटे से कोई गलती हुई तो उसकी जगह वे माफी मांग रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके बेटे के आडियो और वीडियों इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं।
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कक्षा चार तक ही पढ़ा पर मोबाइल चलाने में है माहिर
उन्होंने बताया कि बेटा शहबाज कक्षा चार तक पढ़ा हुआ है। वह कांच का काम करता है। बेटे ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान आतंकी संगठन के साथ संबंध बनाने के साक्ष्य मिले हैं। वह मोबाइल का मास्टर माइंड है।