अब घर बैठे मिलेंगे राजमिस्त्री और लेबर, यूपी डिजिटल लेबर चौक करेगा मदद; काम कराना हुआ आसान
यूपी डिजिटल लेबर चौक ऐप श्रमिकों और नियोजकों को जोड़ेगा, जिससे घर बैठे कुशल व अकुशल श्रमिक आसानी से उपलब्ध होंगे। यह ऐप श्रमिकों को रोजगार के अवसर और ...और पढ़ें

AI जेनरेटेड तस्वीर का प्रयोग किया गया है।
संवाद सूत्र, कासगंज। मकान या दुकान बनवानी हो या रंगाई पुताई या अन्य कोई कम कराने के लिए श्रमिकों के लिए लेबर चौक पर नहीं भटकना होगा। इसमें यूपी डिजिटल लेबर चौक एक मदद करेगी। यूपी डिजिटल लेबर चौक मोबाइल एप पर उपलब्ध हुई कुशल व अकुशल श्रमिकों की सूची उपलब्ध है। जिसमें मैकेनिक, राज मिस्त्री सहित हर तरह के कुशल श्रमिक मिल जाएंगे।
वहीं श्रमिकों को भी आसानी से काम मिल जाएगा और उन्हें लेबर चौक पर खड़ा नहीं होना होगा। यूपी डिजिटल लेबर चौक एप श्रमिकों और नियोजकों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा। श्रम विभाग द्वारा विकसित यह पारदर्शी डिजिटल प्लेटफार्म श्रमिकों और कार्य कराने वालों दोनों के लिए लाभदायक होगा।
इस एप का उद्देश्य श्रमिकों को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ना, बिचौलियों की भूमिका समाप्त करना और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सरल एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है। इससे असंगठित क्षेत्र के कामगारों को नियमित काम मिलेगा और आम लोगों को मिस्त्री या मजदूर ढूंढने में परेशानी नहीं होगी।
हर समय उपलब्ध रहेंगे श्रमिक
पारंपरिक लेबर चौराहों पर आमतौर पर सुबह नौ बजे तक ही श्रमिक मिलते हैं, जिससे काम पड़ने पर लोगों को असुविधा होती है। बिजली, प्लंबिंग या इलेक्ट्रानिक्स उपकरण बिगड़ने पर मिस्त्री को तलाशने के लिए दुकान-दुकान भटकना पड़ता था। इस नई व्यवस्था के तहत एप पर कुशल श्रमिक 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे।
खबरें और भी
श्रमिकों को रोजगार संबंधी योजनाओं की मिलेगी जानकारी
लेबर चौक डिजिटल एप के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके साथ-साथ श्रम विभाग की ओर से संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की अद्यतन जानकारी भी मिलेगी, जिससे श्रमिक उनका लाभ प्राप्त कर सकेंगे। श्रमिकों को अपना डाटा एप पर दर्ज कराना होगा।
डिजिटल लेबर चौक एप श्रमिकों और नियोजकों के लिए लाभदायक है। श्रमिकों को एप के माध्यम से आसानी से काम मिल जाएगा और कल्याणकारी योजनाओं एवं रोजगार संबंधी योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त होगी।
- सुरेंद्र कुमार सिंह, सहायक श्रमायुक्त, कासगंज।