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    बेवफा पत्नी को सजा दिलाने के लिए अदालत की शरण लेगा राजू, कौशांबी में हैरतअंगेज घटना हुई थी

    By Adarsh Kumar Srivastava Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Thu, 26 Mar 2026 12:20 PM (IST)

    कौशांबी में राजू नामक एक व्यक्ति को बेवफा पत्नी के कारण एक महीने तक जेल में रहना पड़ा। पत्नी, मौसेरे भाई के साथ भाग गई थी और उसके ससुरालवाले झूठे के क ...और पढ़ें

    बेगुनाही साबित होने के बाद कौशांबी जेल से रिहा किया गया पति राजू माता-पिता के साथ। जागरण

    बेगुनाही साबित होने के बाद कौशांबी जेल से रिहा किया गया पति राजू माता-पिता के साथ। जागरण 

    HighLights

    1. पत्नी की हत्या के आरोप में एक माह जेल काटकर लौटा है बेगुनाह पति 

    2. पत्नी मौसेरे भाई संग दिल्ली में पकड़ी गई थी, पति माता-पिता के पास लौटा 

    संस, जागरण, महेवाघाट (कौशांबी)। नब्बे के दसक की चर्चित फिल्म वध के मुख्य किरदार नाना पाटेकर सरीखे अलवारा गांव के राजू तिवारी की जिंदगी हो गई है। फर्क बस इतना है कि बेवफा पत्नी को सबक सिखाने के लिए नाना पाटेकर ने कानून को हाथ में लिया, वहीं कौशांबी का राजू कानून का सहारा लेगा। पत्नी के त्रिया चरित्र की वजह से उसका सामजिक आर्थिक नुकसान होने के साथ ही 30 दिन ऐसे गुनाह की सजा काटना पड़ा जो उसने किया ही नहीं था।

    दंपती की जिंगदी में विलेन के तौर पर रामू की एंट्री हुई

    महेवाघाट क्षेत्र के अलवारा निवासी किसान योगेंद्र तिवारी के एकलौते बेटे राजू की शादी वर्ष 2016 में अंकिता से हुई थी। शादी के बाद दंपती के दो बच्चे हुए। हंसी-खुशी छ्ह वर्ष का वक्त गुजर गया। इसके बाद दंपती की जिंगदी में विलेन के तौर पर रामू मिश्रा की एंट्री हुई। रामू अंकिता का मौसेरा भाई था। रामू व अंकिता भाई बहन के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर आकर्षण में बंध गए।

     फर्जी मुकदमें में फंसाने की धमकी दी गई

    वर्ष 2024 में दोनो अलग दुनिया बसाने घर से भाग निकले। रिश्तेदारों की पंचायत के बाद अंकिता तो ससुराल लौटी लेकिन दिल रामू के पास ही छोड़ आई। बकौल राजू दोनों फोन पर लंबी वातें करते थे। अंकिता डायरी भी लिखती थी प्रेम का इजहार कोड वर्ड में किया जाता था। इसकी जानकारी राजू ने अपने ससुर शारधा मिश्रा को दी थी। बेटी को समझाने के बजाय उल्टा उसे ही फर्जी मुकदमें में फंसाने की धमकी दी गई।

     गिरफ्तारी के डर से भाग निकले

    आरोप के अनुसार 20 फरवरी को जब अंकिता प्रेमी के साथ भागी तो पहले अपने मायके टेवां ही गई। सजुराल से लाई नकदी व आभूषण (अनुमानित कीमत नौ लाख रुपये ) मायके में रखकर ही प्रेमी के साथ गई। इसकी जानकारी होने के बाद भी ससुर ने माल हड़पने की नीयत से फर्जी मुकदमा लिखवा के दामाद राजू को जेल जाने के लिए मजबूर किया। वहीं झूठे मुकदमें में फंसे परिवार के अन्य सदस्य गिरफ्तारी के डर से भाग निकले।

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     फसल सूख गई, लाखों का नुकसान

    सिंचाई के अभाव में राजू के खेतो पे खडी फसल सुख गई, वहीं व्यापार के लिए रखा 12 लाख रुपये कीमत के गार्डेन पाइप को चूहों ने कुतर का नष्ट कर दिया। बेगुनाही साबित होने के बाद राजू के पिता योगेंद्र तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने विवाहिता के प्रेमी रामू मिश्रा साजिशकर्ता ससुर साले व रिश्तेदार के खिलाफ मुकदमा तो लिखा लेकिन पूरे घटनाक्रम की केंद्र रही अंकिता का नाम तहरीर में छूट गया है।

     अब पत्नी को सजा दिलाएगा

    राजू का कहना है कि वह पत्नी अंकिता को सजा दिलाने के लिए अंतिम सांस तक लड़ेगा। पहले पुलिस अफरों से करवाई की मांग किया जाएगा सुनवाई नहीं हुई तो कानून का सहारा लेने के लिए अदालत जाएगा।