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यमुना में डूबे सगे भाइयों समेत तीन बच्चों की मौत, नहाने के लिए नदी में उतरे ; दिल्ली से कौशांबी आए थे ननिहाल

By Navamendra Singh Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sat, 05 Sep 2026 08:44 PM (IST)

कौशांबी के महेवाघाट में यमुना नदी में नहाते समय तीन मासूम बच्चे डूब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। ये ...और पढ़ें

कौशांबी में तीन बच्चों के यमुना में डूबने के बाद मौजूद पुलिस एवं ग्रामीण। जागरण

कौशांबी में तीन बच्चों के यमुना में डूबने के बाद मौजूद पुलिस एवं ग्रामीण। जागरण

HighLights

  1. घोघ का पुरवा गांव स्थित महेवाघाट पुल के समीप दर्दनाक हादसा

  2. दो माह पूर्व परिवार संग दिल्ली से आए थे, दादी के पास रुक गए

संसू, जागरण, महेवाघाट (कौशांबी)। घर से महज सौ मीटर दूर बह रही यमुना नदी शनिवार शाम तीन मासूमों के लिए काल बन गई। नदी में नहाने उतरे सगे भाइयों समेत तीन बच्चे अचानक एक-दूसरे को बचाने में गहरे पानी में समा गए। स्नान कर रहे अन्य लोगों के शोर मचाने पर पहुंचे स्वजन ने मछुआरों की मदद से सभी को बाहर निकाला, लेकिन उनकी सांसें थम चुकी थीं।

महेवाघाट क्षेत्र के घोघ का पुरवा गांव निवासी राजेश कुमार निषाद और उसका छोटा भाई सोनू दिल्ली में अपने-अपने परिवार के साथ रहकर मजदूरी करते हैं। दो माह पहले ही दोनों भाई अपने स्वजन के साथ गांव आए थे। परिवार दोबारा दिल्ली जाने को हुआ तो राजेश का सात वर्षीय बेटा करन, चार वर्षीय शनि और उसके भाई सोनू का पांच वर्षीय पुत्र बृजेंद्र अपनी दादी के पास रुक गए।

राजेश के मुताबिक तीन दिन पहले ही वह गांव बच्चों को ले जाने के लिए आया था। शनिवार की शाम करीब पांच बजे करन, शनि व बृजेंद्र महेवाघाट पुल के समीप खेलते-खेलते पहुंच गए। वहां गांव के अन्य लोगों को नदी में स्नान करता देख तीनों बच्चों ने घाट के किनारे कपड़े उतारे व नहाने के लिए पानी में उतरे। पानी गहरा होने की वजह से वह लोग एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में डूबने लगे।

यह देख स्नान कर रहे व वहां रहे लोगों ने शोर मचाया तो पास में ही मौजूद घोघ का पुरवा के जयकरन ने राजेश को घटना की जानकारी दी। तैराकी के जानकार राजेश व जयकरन खुद बच्चों को पानी से निकालने के लिए नदी में कूद गए। उधर, ग्रामीणों से घटना की जानकारी मिलने के बाद अन्य स्वजन व थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे।

कौशांबी थाने की पुलिस ने भी स्थानीय गोताखोरों को बुलाकर नदी में खोजबीन कराई, लेकिन करीब दो घंटे बाद पिता ही मछुआरों के साथ बेटों व भतीजे का शव बरामद किया। बच्चों का शव देख वहां रहे स्वजन बिलख पड़े। सूचना पर सीओ कौशांबी अशोक कुमार शुक्ला भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित स्वजन को समझाकर शांत कराया। उसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

डीसीपी अशोक कुमार शुक्ल ने बताया कि  बच्चे अपने माता-पिता के साथ दिल्ली में रहते थे। दो महीने पहले से ही बच्चे गांव में अपनी दादी के पास रुके थे।बच्चे तैरना नहीं जानते थे और शाम को यमुना में स्नान करने के दौरान डूब गए। शव बरामद कर लिए गए हैं। पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है।

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