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    सड़क हादसे में घायलों की अब इलाज के अभाव में नहीं टूटेंगी सांसें, ₹1.50 तक का खर्च उठाएगी सरकार

    Updated: Thu, 15 Jan 2026 09:59 AM (IST)

    उत्तर प्रदेश सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए नई योजना शुरू की है। अब गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 'गोल्डन आवर' में निजी अस्पतालों में सात दिनों ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, कौशांबी। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए अब इलाज के अभाव में दम तोड़ने की आशंका काफी हद तक कम हो जाएगी। यदि किसी दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति के पास आयुष्मान कार्ड नहीं भी है, तब भी उसे घबराने की जरूरत नहीं होगी।

    सरकार की नई व्यवस्था के तहत गोल्डन आवर के भीतर घायल को सात दिनों तक निजी अस्पताल में डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इलाज का पूरा खर्च पुलिस, परिवहन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर सरकार सीधे अस्पताल के खाते में भुगतान करेगी।

    सरकार पहले से ही आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध करा रही है। अब इस नई व्यवस्था से उन लोगों को भी राहत मिलेगी, जो आयुष्मान कार्ड से वंचित हैं या दुर्घटना के समय कार्ड उपलब्ध नहीं करा पाते।

    खास तौर पर कानपुर–प्रयागराज हाईवे जैसे व्यस्त मार्गों पर स्थित छह निजी अस्पतालों को इस योजना में शामिल किया गया है, जहां सड़क हादसों में घायल व्यक्ति का इलाज किया जाएगा। साथ ही यह सुविधा न केवल सरकारी अस्पतालों में बल्कि ट्रॉमा सेंटर और हॉटस्पॉट के नजदीक स्थित चयनित निजी अस्पतालों में भी मिलेगी।

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    स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। सूचीबद्ध अस्पतालों के संचालकों और स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि आपात स्थिति में बिना किसी औपचारिकता के तुरंत इलाज शुरू किया जा सके।

    इलाज से इनकार नहीं करेंगे संचालक

    जिले में स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों की सूची तैयार कर और संबंधित अस्पताल के संचालकों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया गया है। साथ की कहा गया है कि सूचीबद्ध अस्पतालों में सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों का प्राथमिकता के आधार पर कैशलेस इलाज किया जाएगा। घायल का सात दिनों तक डेढ़ लाख रुपये का इलाज मुफ्त होगा। जिसका भुगतान निजी अस्पतालों के बैंक खाते में सरकार करेगी।

    जिले में चिन्हित सरकारी व निजी अस्पताल

    • सरकारी हॉस्पिटल-ट्रॉमा सेंटर नरसिंहपुर कछुआ
    • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिराथू
    • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कड़ा
    • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मूरतगंज
    • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, आलमचंद
    • वंदना हास्पिटल, सिराथू,
    • नीवि अस्पताल एवं ट्रामा सेंटर, सिराथू
    • नवजीवन हास्पिटल, कसिया
    • देवेश हास्पिटल, महगांव
    • नारायण स्वरूप हास्पिटल, कोइलहा
    • मधु वाचस्पति हास्पिटल, कोइलहा

    शासन से निर्देश मिलने के बाद जिले के सरकारी व निजी समेत कुल 11 अस्पतालों को चिन्हित कर सभी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं। बताया गया है कि मार्ग हादसे में घायल होने वाले मरीजों को निजी अस्पताल में इलाज पर सरकार डेढ़ लाख रुपये तक खर्च का भुगतान करेगी।

                                                                                              डॉ. संजय कुमार, सीएमओ