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    कुशीनगर में पत्नी और तीन बेटों की हत्या करने वाले आरोपी को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा, लगाया 2 लाख का अर्थदंड

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 02:00 AM (IST)

    कुशीनगर की अदालत ने पत्नी और तीन बेटों की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या करने के मामले में पति जितेंद्र कुशवाहा को फांसी की सजा सुनाई है। ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    HighLights

    1. पति जितेंद्र कुशवाहा को पत्नी-बेटों की हत्या में फांसी।

    2. अदालत ने दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

    3. कुशीनगर में यह पांचवीं फांसी की सजा है।

    जागरण संवाददाता, कुशीनगर। अपर सत्र न्यायाधीश परमेश्वर प्रसाद की अदालत ने पत्नी और तीन बेटों की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या करने के मामले में पति को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उसे दो लाख रुपये का अर्थदंड भी दिया गया है।

    न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि दोष सिद्ध जितेंद्र कुशवाहा को फांसी के फंदे पर तब तक लटकाया जाए, जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी जीपी यादव व अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने गुरुवार को हुए इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि कसया के मठिया विशंभर माधोपुर के रामजीत कुशवाहा ने 26 अगस्त 2021 को कसया थाने में तहरीर दी थी।

    उन्होंने बताया कि कुड़वा दिलीपनगर के गुरमिया गोपाल टोला के जितेंद्र कुशवाहा से बेटी लीलावती देवी से शादी की थी, जिससे तीन बच्चे, आठ वर्ष का आकाश, छह वर्ष का विकास और चार वर्ष का रिंकू हैं।

    रामजीत ने आरोप लगाया कि जितेंद्र ने 26 अगस्त की दोपहर दो बजे धारदार हथियार से चारों की रेतकर हत्या कर दी, मौके पर पहुंचने पर उनका शव घर में पाया गया। सूचना पर पहुंची कसया पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए आला कत्ल सब्जी काटने वाला पहसुल को बरामद किया और पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

    कसया थाने के विवेचक ने जांच पूरी कर आरोपित के खिलाफ हत्या की चार्जशीट दाखिल की। इस मामले में 12 साक्षी प्रस्तुत किए गए। इस मामले में अदालत ने अभियुक्त राजेश गुप्ता को दोष सिद्ध करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। अभियुक्त को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

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    अब तक पांचवीं सुनाई गई फांसी की सजा

    13 मई 1994 को स्थापित हुए इस जनपद में अब तक पांच जघन्य हत्या करने वालों अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई गई है, जिसमें पहली फांसी की सजा 2014, दूसरी 2016 और फिर 2026 में फरवरी तथा 29 मई व 30 जुलाई को दी गई।

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