कुशीनगर मेडिकल कॉलेज के नए भवन में बनेगा 10 बेड का ICU वार्ड, गंभीर मरीजों को मिलेगा फायदा
कुशीनगर मेडिकल कॉलेज के नए भवन में 10 बेड का अत्याधुनिक आईसीयू वार्ड बनेगा, जिससे गंभीर मरीजों को अब इलाज के लिए गोरखपुर या लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा। लगभ ...और पढ़ें

नए भवन में बनेगा 10 बेड का ICU वार्ड।

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जागरण संवाददाता, पडरौना। आईसीयू बेड के अभाव में परेशान होने वाले गंभीर रोगियों के लिए राहत भरी खबर है। उन्हें अब गोरखपुर या लखनऊ जानेे की जरूरत नहीं पड़ेगी बल्कि उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नए भवन में ही सुविधा मिल जाएगी। नए भवन में 10 बेड का अत्याधुनिक आईसीयू वार्ड बनाया जाएगा। इस पर लगभग एक करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इसके शुरू होने से गंभीर मरीजों को अब इलाज के लिए गोरखपुर या लखनऊ रेफर होने की मजबूरी से काफी हद तक राहत मिलेगी। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 10 बेड का आईसीयू होने से गंभीर रोगियों की संख्या बढ़ने पर परेशानी का सामना करना पड़ता था, जिससे जान जाने की जोखिम अधिक हो जाता है, जिससे उन्हें रेफर करनी मजबूरी होती थी।
बेडों का विस्तार होने से संख्या 20 हो जाएगी, जिससे अधिक मरीजों को तत्काल उपचार की सुविधा मिल सकेगी। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने शासन को पत्र भेज यहां की जरूरत से अवगत कराया है, ताकि स्वास्थ्य सुविधाएं और बढ़ाई जा सके।
माना जा रहा है कि इस महीने के अंतिम हफ्ते तक शासन से स्वीकृत मिल जाएगी, तो जून से रोगियों को सुविधाएं मिलने लगेंगी। नए आईसीयू वार्ड में आधुनिक मानीटर, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम और प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी। इससे हार्ट, सांस और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं के विस्तार से जिले के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
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हालांकि पुराने भवन में संचालित 10 बेड का आईसीयू वार्ड नए भवन में शिफ्ट हो चुका है। अभी तक हफ्ते में बेड से अधिक आने वाले तीन चार रोगियों को रेफर किया जाता रहा है। 55.50 करोड़ की लागत से बने इस भवन में 293 बेड के अस्पताल बना है, जहां कॉलेज प्रबंधन सारी सुविधाएं मुहैया कराने के प्रयास में जुटा है। इसके चालू हो जाने से गोरखपुर या लखनऊ जाने वाले रोगियों को काफी राहत मिलेगी।
बीते हफ्ते यह हुए रेफर
पिछले हफ्ते ब्रेनहैमरेज से पीड़ित पश्चिमी चंपारण बिहार के बेतिया के 65 वर्षीय श्रीनिवास को स्वजन लेकर पहुंचे, जिन्हें बेड खाली न होने से रेफर कर दिया गया। इसी तरह कसया के वार्ड नंबर 11 के बुरी तरह जले 32 वर्षीय अहसान अली को भी गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
रामकोला के नौगांवा के 70 वर्षीय हरीश पांडेय हाईब्लड प्रेशर के चलते एंबुलेंस पहुंचे, जिन्हें तत्काल रेफर कर दिया गया। फाजिलनगर कस्बे के 65 वर्षीय साहिल अली हाई शुगर लेबल होने के कारण बेहोशी की हालत में पहुंचे, जिन्हें रेफर करने के बाद स्वजन गोरखपुर निजी अस्पताल में उपचार करा रहे हैं।
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 10 बेड का आईसीयू वार्ड स्थापित करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। स्वीकृत मिलते ही जून तक मरीजों को सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएगी। -डॉ. सुभाष गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।