नेपाल बाढ़ से कुशीनगर पर बड़ा खतरा, तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की संभावना, प्रशासन हाई अलर्ट
नेपाल में ग्लेशियर जनित झील फटने से नारायणी नदी में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जिससे कुशीनगर के दियारा ...और पढ़ें

वाल्मीकिनगर बैराज का निरीक्षण करते (दाएं से) डीएम महेंद्र सिंह तंवर, एसपी केशव कुमार। सौ. सूचना विभाग
HighLights
नेपाल में ग्लेशियर झील फटने से नारायणी नदी में बाढ़ का खतरा बढ़ा।
कुशीनगर में तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की संभावना, प्रशासन हाई अलर्ट पर।
मुख्यमंत्री योगी ने सतर्कता के निर्देश दिए, एसडीआरएफ टीमें मौके पर तैनात।
जागरण संवाददाता, कुशीनगर। नेपाल के रसुवा जिले में चीन-तिब्बत सीमा से सटे क्षेत्र में भारी बारिश के बाद ग्लेशियर जनित झील फटने (ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट) को लेकर नारायणी नदी किनारे दियारा में बसे गांवों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इसके चलते बुधवार की देर रात तक वाल्मीकि नगर बैराज से 2.50 लाख से तीन लाख क्यूसेक तक पानी छोड़े जाने की संभावना जताई गई है। ऐसे में नदी के संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने नदी पार के संवेदनशील गांवों में निगरानी बढ़ाने के साथ राहत-बचाव की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर व एसपी केशव कुमार संयुक्त से टीम के साथ नारायणी नदी के तटवर्ती एवं संवेदनशील शिवपुर, बसंतपुर आदि गांवों का स्थलीय निरीक्षण किए। नदी के मौजूदा जलस्तर, तटवर्ती इलाकों और संभावित प्रभाव वाले गांवों में बचाव कार्य करने को लेकर जानकारी ली। टीम को किसी भी आपात परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। कहा कि संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए सतर्क रहें, लेकिन किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। नदी के समीप जाने से बचने और बच्चों को भी नदी तथा निचले इलाकों से दूर रखने की बात कही।

दूसरी ओर संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम को मौके पर तैनात कर दिया गया। टीम को आवश्यक राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ अलर्ट मोड में रहने को कहा गया, ताकि जलस्तर बढ़ने या किसी गांव में पानी पहुंचने की स्थिति में तत्काल बचाव अभियान शुरू किया जा सके।
डीएम ने तटवर्ती एवं संवेदनशील क्षेत्रों में अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम के कैंप करने व नदी के जलस्तर में होने वाले प्रत्येक बदलाव की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए पहले से ही कार्ययोजना तैयार रखी जाए। एडीएम वैभव मिश्र, एएसपी सिद्धार्थ वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
डीएम ने बताया कि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए राहत एवं बचाव टीमें तैयार हैं। खड्डा तहसील के दियारा के गांव शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, मरिचहवा, बसंतपुर में खास सतर्कता बरती जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी ने प्रशासन को दिए सतर्कता के निर्देश
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिंता जताई है। उन्होंने अपने एक्स के माध्यम से बताया है कि इसके प्रभाव से कुशीनगर और महराजगंज में नारायणी नदी के जलस्तर में वृद्धि और बाढ़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने नेपाल में प्रभावित लोगों की सुरक्षा की कामना करते हुए प्रशासन को संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है।
