कुशीनगर में नारायणी नदी का कहर, बांध और गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा
नारायणी नदी की तेज धारा से कुशीनगर में बांध और नोज पर खतरा बढ़ गया है, जिससे किनारे बसे ग्रामीण भयभीत हैं और कई गांव पानी से घिर गए हैं। रोहुआ नाला भी ...और पढ़ें

रोहुआ नाला में भरे पानी के बीच में होकर आते- जाते दियारा के लोग। जागरण
HighLights
नारायणी की तेज धारा से बांध व नोज पर खतरा।
कई गांव पानी से घिरे, ग्रामीण भयभीत, आवागमन बाधित।
रोहुआ नाला उफान पर, अधूरे पड़े हैं स्वीकृत कार्य।
संवाद सूत्र, तरयासुजान, (कुशीनगर)। नारायणी की तेज धारा से बांध व नोज पर खतरा बढ़ गया है, तो जर्जर स्थानों पर नदी का दबाव बना हुआ है। इसकी वजह से बांध के किनारे बसे ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीणों ने इसके लिए उच्चाधिकारियाें को जिम्मेदार ठहराया है। एपी बांध के किनारे बीरवट कोन्हवलिया के सामने कट एंड टू ठोकर पर शुक्रवार को दबाव बढ़ने सूचना पर पहुंचे अभियंताओं की टीम ने निरीक्षण किया।
पानी की तेज धारा (करंट) के कारण बढ़ते दबाव की जानकारी से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इस संवेदनशील स्थान पर बीते वर्ष हुए बनाए गए एप्रन का 50 मीटर भाग नदी की धारा में विलीन हो चुका है। शाम पांच बजे 1.21 लाख क्यूसेक पानी के बढ़ने के कारण बांध और बने स्पर पर नदी का दबाव शुरू हो गया है। कट एंड टू के पास बनाया गया एप्रन पानी में डूब गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बालू खनन के कारण नारायणी का रुख अब सीधे बांध की ओर है। जवही दयाल के मुसहर टोली पानी से घिरती जा रही है। ततवा टोला भी पानी से घिर गया है। इन मुसीबतों के बीच अभी तक स्वीकृत परियोजना का काम पूरा नहीं हो पाया है। जिसका सीधा असर अहिरौलीदान के नोनिया टोला, कचहरी टोला और डीह टोला में दिखाई देना शुरू हो गया है।

रोहुआ नाला उफनाया, दियारा के दो जिलों के आठ गांव प्रभावित
नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच दियारा क्षेत्र की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित रोहुआ नाला उफान पर है। नाले में तेज बहाव के कारण लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। रोजमर्रा के कार्यों, खेती-किसानी और बाजार आने-जाने वाले ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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रोहुआ नाला के उफनाने से कुशीनगर के बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर और मरिचहवा आदि गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है तो महराजगंज जिले के शिकारपुर, भोथहा, बसही और सोहगीबरवा के ग्रामीणों को भी आने-जाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नाले में पानी बढ़ने से पैदल और दोपहिया वाहन लेकर निकलना जोखिम भरा हो गया है।
सबसे अधिक परेशानी तहसील की ओर जाने वाले किसानों, विद्यार्थियों और मरीजों को हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नाले पर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराने और जलस्तर कम होने तक आवश्यक सुरक्षा इंतजाम कराने की मांग की है। एडीएम वैभव मिश्र ने कहा कि इसके लिए व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल संबंधित विभाग को स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।