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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोदी पर जबानी हमलाः पत्नी को छोड़ देना तलाक देने से बड़ी सजा

By Nawal MishraEdited By:
Updated: Thu, 03 Nov 2016 07:18 PM (IST)

पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अय्यूब ने तीन तलाक मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बोलने का कोई हक नहीं। शादी कर पत्नी को छोड़ देना तलाक देने से बड़ी सजा है।

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कुशीनगर (जेएनएन)। पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अय्यूब ने तीन तलाक के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि जो अपनी पत्नी को न्याय नहीं दे सका, उसको तीन तलाक के मुद्दे पर बोलने का कोई हक नहीं। शादी कर पत्नी को छोड़ देना तलाक देने से बड़ी सजा है, जो यशोदा बेन (मोदी की पत्नी) के साथ हुआ। सबसे बड़ा सवाल यह है कि केंद्र सरकार को चुनाव के समय ही यह बात क्यों याद आई। आज तक किसी मुसलमान के घर कोई महिला नहीं जलाई गई। तीन तलाक का मुद्दा अच्छे दिन लाने का वादा करने करने वाले लोग ही उठा रहे हैं। जनता कह रही है कि मोदी झूठे हैं।

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अय्यूब आज पडरौना नगर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। इस दौरान पत्रकारों से वार्ता में सर्जिकल स्ट्राइक पर भी अय्यूब ने सवाल खड़ा किया और कहा कि चीन भारत की सीमा में घुस रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक अगर चीन में कराएं तो जानें। मोदी में दम है तो विधानसभा चुनाव के बाद पाकिस्तान जीतकर दिखाएं। सपा को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि प्रदेश में महागठबंधन की बात करने वाले पहले अपने अंदर तो एका कर लें। अखिलेश और शिवपाल आपस में गठबंधन करें, फिर महागठबंधन की बात करें। असदुद्दीन ओवैसी से सियासी समझौते के सवाल पर कहा कि पीस पार्टी प्रदेश में महान दल व निषाद पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी, किसी अन्य दल से फिलहाल समझौता नहीं किया जा रहा।

आरएसएस करेगा तीन तलाक पर मंथन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुस्लिमों में तीन तलाक के मुद्दे पर अहम मंथन करने जा रहा है। साथ ही आतंकवाद मुक्त, दंगा मुक्त और तालीम युक्त मुस्लिम समाज के निर्माण के एजेंडे पर जोर देगा। इसके लिए 20 दिसंबर को आगरा मुस्लिम महासम्मेलन में देशभर के उलमा और मुस्लिम कद्दावर शिरकत करेंगे।

महासम्मेलन में आजादी से लेकर अब तक की मुस्लिमों की स्थिति पर चिंतन किया जाएगा। उनके सामाजिक विकास पर मंथन के साथ ही अब तक हालत में सुधार न होने के कारण तलाश किए जाएंगे। यह विचार का अहम मुद्दा होगा कि मुस्लिम समाज की अशिक्षा और गरीबी के लिए कौन जिम्मेदार है? प्रदेश सरकारों की इसमें क्या भूमिका है? इसके साथ ही महिला सशक्तीकरण पर अहम चिंतन होगा। मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक और कार्यक्रम संयोजक मोहम्मद इस्लाम अब्बास ने बताया कि मुस्लिम समाज विकास की राह में पिछड़ रहा है। उसे शैक्षिक रूप से सशक्त बनाकर समाज को विकास की राह पर दौड़ाया जा सकता है। इसके लिए कुरीतियों को मिटाने का प्रयास हो रहा है।