...तो कुत्तों में फैले जहर से हुई थी 25 गिद्धों की मौत? 40 दिन बाद भी गुनहगारों तक नहीं पहुंची यूपी पुलिस
दुधवा टाइगर रिजर्व में 25 संरक्षित गिद्धों की कार्बोफ्यूरान जहर से हुई मौत के 40 दिन बाद भी पुलिस गुनहगारों तक नहीं पहुंच पाई है। ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
पवन जायसवाल, लखीमपुर। दुधवा टाइगर रिजर्व के बफरजोन में करीब 40 दिन पूर्व हुई 25 संरक्षित गिद्धों की सामूहिक मौत के मामले में पुलिस का रवैया हैरान कर देने वाला है। पुलिस की जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी है। जहर देने वाले गुनहगारों की पहचान तक नहीं हो पाई है। वन्यजीव की मौत मामले को वन विभाग भी संजीदगी से नहीं ले रहा है।
जांच रिपोर्ट आने के बावजूद अब तक किसी आरोपित तक न पहुंच पाना पुलिस की लापरवाही को उजागर कर रहा है। वन विभाग ने घटना के समय गिद्धों की मौत मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
सैंपलों को जांच के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान भेजा गया था। रिपोर्ट में कार्बोफ्यूरान नामक जहरीले पदार्थ की पुष्टि हुई है। यही जहरीला तत्व मृत गिद्धों, कुत्तों और बरामद चावलों में पाया गया।
रिपोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि गिद्धों की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई थी। इसके बावजूद वन विभाग केवल मुकदमा लिखवाने तक ही सीमित रह गया। वहीं पुलिस ने भी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ लकीर पीटी है।
जंगली क्षेत्र में जहरीले चावल कौन लेकर आया और किस उद्देश्य से डाले गए। यह सब एक पहेली बना हुआ है। वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि यदि विभाग समय रहते सक्रिय नहीं हुआ तो भविष्य में भी इस तरह की घटनाएं दुधवा की जैव विविधता के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं।
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अधिकारियों को यह भी आशंका
ग्रामीणों की माने तो सेमरिया और डिमरौल गांव के बीच एक बरौछा नाला है, जिसके आसपास आवारा कुत्तों का आतंक था, जो बकरियों और पशुओं पर हमला करते थे। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने इन कुत्तों से छुटकारा पाने के लिए चावलों में जहर मिलाकर डाल दिया बाद में उन्हीं मृत कुत्तों को खाने से गिद्धों की मौत हो गई।
इसकी विवेचना उप निरीक्षक दिनेश कुमार यादव कर रहे हैं। सेमरिया इलाके में गिद्दों की मौत का मामला हिंसक हुए कुत्तों को जहर देने से जुड़ा है। संलिप्त लोगों का पता लगाया जा रहा है। कार्रवाई की जा रही है।
-रोहित कुमार दुबे, थानाध्यक्ष भीरा
जांच का गई है। अभी परसों ही जांच अधिकारी आए थे। सोमवार को फिर अधिकारियों के आने की संभावना है। लगातार हर एक पहलू की जांच की जा रही है। जल्द राजफाश कर कार्रवाई की जाएगी।
-विजय प्रताप सिंह, वन क्षेत्राधिकारी भीरा