ऑडिट में 32 पंचायतों में मनरेगा और ग्राम निधि में गड़बड़ी, सचिवों को थमाया नोटिस; तीन दिन में मांगा जवाब
लखीमपुर खीरी की 32 ग्राम पंचायतों में मनरेगा और ग्राम निधि के कार्यों के ऑडिट में गड़बड़ी पाई गई है। प्रधान और सचिव बिल-बाउचर प्रस्तुत नहीं कर पाए, जि ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
32 ग्राम पंचायतों में ऑडिट में गड़बड़ी मिली।
मनरेगा व ग्राम निधि कार्यों के बिल-बाउचर नहीं।
डीपीआरओ ने सचिवों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
संवादसूत्र, जागरण.लखीमपुर। वित्तीय वर्ष 2024-25 में ग्राम पंचायतों में कराए गए मनरेगा व ग्राम निधि खातों से कामों का आडिट कराया गया। आडिट के दौरान 32 ग्राम पंचायतों ऐसी हैं जहां कराए गए कामों से संबंधित बिल व बाउचर प्रधान व सचिव प्रस्तुत नहीं कर सके।
आडिट टीम ने इन पर आपत्तियां लगाते हुए सरकारी धन के दुरुपयोग की रिपोर्ट डीपीआरओ विशाल सिंह को भेज दिया। डीपीआरओ ने सचिवों को नोटिस जारी कर तीन दिन में अभिलेखों सहित स्पष्टीकरण मांगा है।
डीपीआरओ ने बताया कि जिन ग्राम पंचायतों में आडिट आपत्तियां आई हैं, वहां के सचिवों को नोटिस जारी की गई है। तीन दिन का समय दिया गया है। निर्देश दिया गया है कि आडिट आपत्ति से संबंधित बिल बाउचर व अन्य अभिलेख के साथ अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराएं। अगर समय से अभिलेख उपलब्ध न कराए तो इसे सरकारी धन का दुरुपयोग मानते हुए रिकवरी की जाएगी।
मनरेगा के 12 कार्य शामिल
बताते हैं आडिट में जो आपत्तियां लगी हैं उनमें सबसे ज्यादा मनरेगा से कराए गए 12 कार्य शामिल हैं। इसके अलावा ग्राम निधि से कराए गए काम शामिल हैं। जिन 32 ग्राम पंचायतों में आडिट के दौरान गड़बड़ी मिली हैं, उसमें सबसे ज्यादा आठ ग्राम पंचायतें ईसानगर ब्लाक की शामिल हैं।
वहीं, धौरहरा की छह ग्राम पंचायतें हैं। इसके अलावा कुंभी गोला में की तीन, लखीमपुर ब्लाक की चार ग्राम पंचायतें हैं। रमियाबेहड़, नकहा, पलिया व बिजुआ की एक-एक ग्राम पंचायत, निघासन व बांकेगंज की दो-दो और पसगवां की तीन ग्राम पंचायतें शामिल हैं।