लखीमपुर में फैमिली ID में देरी से 1.32 लाख परिवारों को नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ, सिर्फ 68590 की ही बनी आईडी
लखीमपुर खीरी में फैमिली आईडी बनाने में अधिकारियों की लापरवाही के कारण 1.32 लाख परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अब तक केवल 34.11% ...और पढ़ें
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संवादसूत्र, लखीमपुर। फैमली आईडी को लेकर शासन व प्रशासन गंभीर है, लेकिन खीरी जिले में फैमिली आईडी अधिकारियों की लेट लतीफी का शिकार होकर रह गई है। महीनों से फैमिली आईडी बनाने का जिम्मा संभालने वाले अधिकारियों की लापरवाही के कारण जिले में 1.32 लाख परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
खीरी जिले में 201103 परिवार ऐसे हैं, जिन्हें किसी न किसी सरकारी योजना का लाभ मिला है। शासन की मंशा है कि फैमिली आईडी बनाकर ऐसे परिवारों को चिन्हित किया जा सके, जो दूसरी सरकारी योजनाओं से भी संतृप्त किए जा सकते हैं।
फैमिली आईडी का जिम्मा उन विभागों को दिया गया है, जहां से लोगों को योजनाओं का लाभ मिला है। जिले में 201103 परिवारों की फैमिली आईडी बनाने का लक्ष्य है, जिसमें अब तक मात्र 68590 परिवारों की ही आईडी बन चुकी है।
इस हिसाब से अभी भी करीब 65.89 प्रतिशत यानी 132513 परिवारों की आईडी बनाई जानी है। आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा खराब स्थित प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास के लाभार्थियों की है।
अधिकारियों का कहना है कि यही वजह है कि लक्ष्य के मुताबिक अब तक मात्र 34.11 प्रतिशत परिवारों की ही फैमली आईडी बन सकी है। फैमली आईडी का लक्ष्य पूरा न होने के मामले में नौ विभागों की लापरवाही सामने आई है। सीडीओ ने मामले में गंभीरता दिखाए हुए संबंधित अफसरों को चेतावनी दी है।
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इन विभागों की लापरवाही से नहीं बढ़ रहे आंकड़े
किसान सम्मान निधि के 100592 लाभार्थियों में 44379 की फैमिली आईडी बनी है। मनरेगा के 27242 में 10840 मजदूरों, वृद्धावस्था पेंशन के 20208 परिवारों में 5209, निराश्रित महिला पेंशन के 20765 परिवारों में 4686, दिव्यांग पेंशन के 4751 में 1973 परिवारों, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास के 276 में 57, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास के 96 में 11, पंजीकृत श्रमिकों के 37398 में 3049 परिवारों, स्वयं सहायता समूह की 27269 में 1446 महिलाओं की फैमिली आईडी बनी है।