ललितपुर में 15 साल पुराने चेक बाउंस मामले में फैसला, आरोपी को 1 साल की सजा और 4 लाख का जुर्माना
ललितपुर में 15 साल पुराने चेक बाउंस मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने नीरज कुमार को दोषी ठहराया है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
ललितपुर में 15 साल पुराने चेक बाउंस मामले पर आया फैसला।
नीरज कुमार को एक साल के साधारण कारावास की सजा मिली।
चार लाख रुपये का अर्थदंड भी लगा, पीड़ित को प्रतिकर मिलेगा।
जागरण संवाददाता, ललितपुर। 15 साल पुराने चेक बाउंस के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रविशंकर गुप्ता ने अभियुक्त नीरज कुमार को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर चेक की राशि का दोगुना यानी चार लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की पूरी राशि पीड़ित परिवादी को प्रतिकर के रूप में दिए जाने का आदेश दिया गया है।
अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। परिवादी के अधिवक्ता प्रकाश नारायण देवलिया ने बताया कि मामला सिविल लाइंस निवासी सहायक अध्यापक दिनेश कुमार चौरसिया से जुड़ा है। परिवाद के अनुसार, गांधी नगर निवासी नीरज कुमार ने मोबाइल दुकान के कारोबार के लिए दो मई 2011 को दिनेश कुमार से दो लाख रुपये नकद उधार लिए थे।
रकम लौटाने के लिए उसने पंजाब नेशनल बैंक के एक-एक लाख रुपये के दो चेक जारी किए। परिवादी ने दोनों चेक अपने इलाहाबाद बैंक खाते में जमा किए, लेकिन खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण चेक अनादरित हो गए।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अभियुक्त ने चेक पर किए गए अपने हस्ताक्षर से इन्कार नहीं किया और अपने बचाव में कोई ठोस साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं कर सका। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने उसे एनआइ एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
