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यूपी के ललितपुर से जुड़ सकती है एमपी के सागर में 14 मौत का कारण बनी जहरीली शराब, किया गया था पर्दाफाश

Published: Sun, 06 Sep 2026 08:40 PM (IST)

Sagar Of MP: मध्य प्रदेश पुलिस दावा कर रही है कि सागर जिले में हुई आज की त्रासदी में इस्तेमाल ...और पढ़ें

ललितपुर पुलिस ने चार मई को नकली देशी शराब की एक बड़ी फैक्ट्री का पर्दाफाश किया

ललितपुर पुलिस ने चार मई को नकली देशी शराब की एक बड़ी फैक्ट्री का पर्दाफाश किया

HighLights

  1. दो महीने पहले ललितपुर में पकड़ी गई थी नकली शराब की फैक्ट्री, यूपी बार्डर के जिलों में खलबली

  2. मध्य प्रदेश पुलिस की प्रारम्भिक जांच में शराब में घातक मिथाइल की मिलावट आई सामने

जागरण संवाददाता, ललितपुर। उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती राज्य मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद दोनों राज्यों की पुलिस-प्रशासन और आबकारी विभाग में खलबली मची है। मध्य प्रदेश पुलिस की शुरुआती जांच में शराब में घातक मिथाइल (मिथाइल अल्कोहल) की मिलावट सामने आई है। जहरीली शराब कांड के तार ललितपुर जिले से जुड़ रहे हैं।

ललितपुर पुलिस ने चार मई को नकली देशी शराब की एक बड़ी फैक्ट्री का पर्दाफाश किया था। इसमें गिरोह के सदस्य मध्य प्रदेश के ही थे। ललितपुर में नकली शराब तैयार करने के बाद आपूर्ति एमपी के सीमावर्ती क्षेत्रों में करते थे। इसके हवाले से मध्य प्रदेश पुलिस दावा कर रही है कि सागर जिले में हुई आज की त्रासदी में इस्तेमाल की गई जहरीली शराब की खेप का कनेक्शन ललितपुर के उसी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। ललितपुर जिला पुलिस ने फिलहाल मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से इस संबंध में औपचारिक सम्पर्क साधे जाने की बात से साफ इन्कार किया है।

एमपी पुलिस की घोर लापरवाही

दो महीने पहले जब ललितपुर पुलिस के खुलासे में स्पष्ट रूप से सामने आया था कि यूपी में तैयार नकली शराब मध्य प्रदेश के सरकारी ठेकों तक सप्लाई की जा रही थी और सिंडिकेट का सरगना मध्य प्रदेश में देशी शराब का अनुज्ञापी था। इसके बाद भी एमपी पुलिस व आबकारी विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
गिरोह पर ललितपुर पुलिस भी लापरवाह
शराब फैक्ट्री का पर्दाफाश करने के बाद आरोपियों को जेल भेजने वाली ललितपुर पुलिस और आबकारी पुलिस बेफिक्र हो गई। पुलिस प्रशासन दावा करता है कि जमानत पर छूटे अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाती है, जबकि आबकारी अपराधों में यह जगजाहिर है कि जमानत मिलते ही माफिया पुन: इसी अवैध कारोबार में सक्रिय हो जाते हैं।

मध्य प्रदेश पुलिस ने संपर्क नहीं किया

ललितपुर के एसपी संजीव कुमार बाजपेई ने कहा कि सागर के प्रकरण में मध्य प्रदेश पुलिस ने संपर्क नहीं किया है। यह मामला तो एमपी का ही है। ललितपुर पुलिस दो महीने पहले मध्य प्रदेश के कारोबारियों को जेल भेज चुकी है, कारोबारी वहीं के थे और एमपी में ही सप्लाई करते थे। जिले की पुलिस अवैध शराब के खिलाफ सक्रिय है।

लग्जरी कारों से संचालित होता था नकली शराब का धंधा

ललितपुर पुलिस ने चार महीने पहले उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर सक्रिय बड़े शराब सिंडिकेट को ध्वस्त करते हुये ऑडी-क्रेटा जैसी लग्जरी कारों से संचालित होने वाले अंतररराज्यीय नकली शराब गिरोह का पर्दाफाश किया था। कोतवाली पुलिस व स्वॉट टीम ने गंगापुरम कालोनी की फैक्ट्री पर छापा मारकर कालोनी के रवि लखेरा, थाना मालथौन के रानी अवंती बाई नगर के चन्द्रेश लोधी उर्फ विक्की, महरौनी के पढ़वा गांव के मनीष विश्वकर्मा, बड़ी नहर के अंकित विश्वकर्मा व पुष्पेन्द्र ठाकुर को पकड़ा था। सरगना रवि लखेरा था, जिसने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए थे।

आरोपी हरियाणा से स्प्रिट लाकर नकली शराब बनाते और उस पर एमपी के सरकारी मार्क के फर्जी लेबल क्यूआर कोड लगाकर ठेकों पर खपाते थे। इसको एमपी के सागर, निवाड़ी और छतरपुर जिलों के सरकारी शराब ठेकों और ढाबों पर बेचा जाता था।