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यूपी में अग्नि सुरक्षा में लापरवाही 148 अस्पतालों को पड़ी भारी, आयुष्मान योजना से निलंबित

Updated: Tue, 11 Aug 2026 10:33 PM (IST)

अग्नि सुरक्षा में खामियों और चिकित्सीय अनियमितताओं के कारण 148 अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना से निलंबित कर दिया गया है। इनमें लखनऊ के सर्वाधिक 19 अस्पताल शामिल हैं, जिनकी थर्ड पार्टी ऑडिट में कमियां सामने आईं।

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HighLights

  1. 148 अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से निलंबित हुए।

  2. अग्नि सुरक्षा में खामी और चिकित्सीय अनियमितताएं पाई गईं।

  3. लखनऊ के 19 अस्पताल निलंबन सूची में शामिल हैं।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मरीजों के जीवन से जुड़े अग्नि सुरक्षा की अनदेखी 148 अस्पतालों को भारी पड़ गई। आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम नहीं होने और चिकित्सीय अनियमितता पर इन्हें आयुष्मान चिकित्सा सूची से निलंबित कर दिया गया है। थर्ड पार्टी आडिट में खामियां सामने आने पर कार्रवाई हुयी है।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तहत गरीबों, बुजुर्गों को पांच लाख रुपए तक की कैशलेस योजना संचालित करने के लिए प्रदेश में राज्य व्यापक स्वास्थ्य एवं एकीकृत सेवा एजेंसी (साचीज) को नोडल बनाया गया है।

यह संस्था अस्पतालों सूचीबद्ध करती है। निगरानी करती है। थर्ड पार्टी आडिट भी कराती है। हाल के दिनों में चिकित्सालयों, कोचिंगों में अग्निकांड के बाद सूचीबद्ध अस्पतालों की अग्निसुरक्षा की आकस्मिक जांच हुई।

अस्पतालों में इलाज कराने वालों के इलाज के दस्तावेजों की पड़ताल की गयी। जिसमें सामने आयी खामियों के बाद साचीज की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीइओ) अर्चना वर्मा ने राज्य के 148 अस्पतालों की सूचीबद्धता निलंबित दी। इसमें सबसे अधिक लखनऊ के 19 चिकित्सालय हैं।

प्रयागराज (इलाहाबाद) के छह, बरेली के छह, गाजियाबाद, कानपुर देहात, बिजनौर, अलीगढ़, आगरा, के भी कुछ अस्पताल भी आयुष्मान योजना की सबद्धता सूची से निलंबित किये गये हैं।

सीइओ का कहना है कि जो मरीज इन चिकित्सालयों में आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराते रहे हैं वह दूसरे सूचीबद्ध अस्पतालों में योजना का लाभ उठा सकते हैं।

सीइओ का कहना है कि कार्रवाई से मरीजों का इलाज व उनकी सुविधा बाधित नहीं होगी।अग्नि सुरक्षा में खामी के अतिरिक्त कुछ अस्पतालों में इलाज में भी खामियां मिली हैं, जिनको आइसीयू ( सघन चिकित्सा इकाई) की आवश्यकता नहीं थी, उन्हें भी आइसीयू में भर्ती कर भुगतान का दावा किया गया।

कुछ अस्पतालों के पास जिन बीमारियों के विशेषज्ञ डाक्टर नहीं थे, उन्होंने भी उस बीमारी का इलाज करने दा दावा किया। ऐसे आरोपों की विस्तृत जांच चल रही है, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

वर्मा ने बताया कि आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम होने के बाद उन अस्पतालों का निलंबन वापस करने पर विचार किया जाएगा, जिनके विरुद्ध कोई और जांच नहीं चल रही है।

आयुष्मान सूची निलंबित लखनऊ के अस्पताल

गर्ग आप्थलमिक सेंटर, वारिश हास्पिटल, पूजा नर्सिंग होम, आजाद नगर राजपूत हास्पिटल, सुश्रुत हास्पिटल मैटरनिटी सेंटर, फोएबस हास्पिटल, एडवांस न्यूरो एंड जनरल हास्पिटल, आइमैक्स हास्पिटल, इंपीरिया न्यूरो साइंसेंज एंड मल्टीस्पेशियलिटी हास्पिटल, लखनऊ किडनी केयर प्राइवेट लिमिटेड, मातृत्व हास्पिटल, मास्क हास्पिटल, मेडीहेल्थ मल्टीस्पेशियलिटी हास्पिटल, मेडाक्स हास्पिटल, मेडविला नर्सिंग होम, मोरैसिस अर्जुनगंज हास्पिटल, नेत्र आशा, सुकीर्ति आइ क्लीनिक , वेदांता हास्पिटल शामिल हैं। इसी तरह लखनऊ मंडल के हरदोई जिले एसएस हास्पिटल को आयुष्मान योजना की सबद्धता से निलंबित कर दिया गया है।