यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP Police ने सात सालों में 221 कुख्यात बदमाश किए ढेर... पढ़ें, योगी सरकार में हुए एनकाउंटर का लेखा-जोखा
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के सात साल के कार्यकाल में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ों में 221 अपराधी ढेर हो चुके हैं। इस वर्ष शामली में हुई मुठभेड़ ...और पढ़ें

HighLights
- प्रदेश में सात वर्षों में ढेर हुए 221 कुख्यात
- आठ हजार अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। पुलिस व बदमाशों के बीच मुठभेड़ का सिलसिला जारी है। बीते सात वर्षों में अब तक प्रदेश में 221 बदमाश ढेर हो चुके हैं। इस वर्ष मुठभेड़ में बदमाशों के मारे जाने की यह पहली घटना है। शामली में सोमवार देर रात हुई मुठभेड़ में घायल निरीक्षक सुनील की हालत स्थिर बताई जा रही है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बदमाशों से मुकाबले के दौरान इंस्पेक्टर सुनील के पेट में तीन गोलियां लगी थीं। गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में उनका लगभग सात घंटे ऑपरेशन चला। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एसटीएफ नोएडा यूनिट के प्रभारी एएसपी राजकुमार मिश्रा मेदांता अस्पताल पहुंचकर उपचार के सभी प्रबंध देख रहे हैं। सुनील के स्वजन भी पहुंच गए हैं।
सुनील पीएसी में प्लाटून कमांडर के पद पर भर्ती हुए थे
सुनील पीएसी में प्लाटून कमांडर के पद पर भर्ती हुए थे और वर्तमान में एसटीएफ की मेरठ इकाई में निरीक्षक के पद पर तैनात हैं। डीजीपी प्रशांत कुमार व एडीजी कानून-व्यवस्था व एसटीएफ अमिताभ यश ने घटना की विस्तृत जानकारी ली है।
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मुरादाबाद में हुई थी मुठभेड़
इस वर्ष चार जनवरी को एसटीएफ ने मुरादाबाद में बदमाशों से मुकाबला कर जियो फाइबर के मैनेजर अभिनव भारद्वाज को मुक्त कराया था। मुठभेड़ में एक बदमाश की गर्दन में गोली लगी थी। बदमाशों ने हाथरस से मैनेजर को फिरौती वसूलने के लिए अगवा किया था।
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शामली में मुठभेड़ में चार बदमाश हुए ढेर
सोमवार रात शामली में एसटीएफ का सामना कुख्यात अपराधी अरशद व उसके साथियों से हुआ। इससे पूर्व बीते वर्ष पुलिस व एसटीएफ ने 23 बदमाशों को मुठभेड़ के दौरान हमेशा के लिए खामोश किया था।
योगी सरकार के सात सालों में 221 कुख्यात ढेर हुए
एसटीएफ ने दिसंबर 2024 में लखीमपुर खीरी में तीन खालिस्तानी आतंकियों को भी मार गिराया था। योगी सरकार में मार्च 2017 से अब तक पुलिस मुठभेड़ में लगभग आठ हजार अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल हो चुके हैं। बदमाशों से मुकाबले में अब तक 17 पुलिसकर्मी बलिदान हुए हैं।