'CCTV चेक करो, मैं निर्दोष हूं', श्रद्धा दुबे ने तोड़ी चुप्पी; शिवा की मौत को बताया आत्महत्या
Shraddha Dubey Gave Bite to Media: लखनऊ से नौ अक्टूबर की रात से फरार श्रद्धा दुबे नेपाल से वीडियो संदेश ...और पढ़ें
HighLights
मीडिया से श्रद्धा दुबे कह रही, शिवा शर्मा को हमने नहीं मारा
इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह को लाइन हाजिर
डिजिटल डेस्क, लखनऊ : युवा कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में दस से लखनऊ पुलिस भले ही खाली हाथ हो, लेकिन मुख्य आरोपित श्रद्धा दुबे मीडिया को बाइट भी दे रही है। लखनऊ से नौ अक्टूबर की रात से फरार श्रद्धा दुबे नेपाल से वीडियो संदेश जारी करती है और रविवार को तो उसने मीडिया को बाइट भी दी।
लखनऊ पुलिस ने श्रद्धा दुबे और उसके साथ भागे अन्य पर इनाम बढ़ा दिया है। अब इनामी राशि को 50-50 हजार रुपये कर दिया है। पहले यह 25-25 हजार रुपये थी। इसके साथ ही प्रकरण में लापरवाही बरतने पर इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया था।
चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में पुलिस की दबिश और तलाश के बीच इस मामले की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे का एक नया वीडियो सामने आया है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए श्रद्धा दुबे ने इस पूरे मामले पर अपनी सफाई दी है और कई दावे किए हैं। उन्होंने दावा किया है कि शिवा की मौत हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या थी और सीसीटीवी फुटेज से उनकी बेकसूर साबित हो जाएगी।
वह कर्ज में डूबा था, इसलिए दी जान
श्रद्धा दुबे ने बातचीत में कहा कि शिवा शर्मा भारी कर्ज में डूबा हुआ था, जिसके चलते उसने खुद यह कदम उठाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस पूरी घटना में उनकी कोई संलिप्तता नहीं है और जब पुलिस सीसीटीवी कैमरों की जांच करेगी, तो वह पूरी तरह बेकसूर साबित हो जाएंगी।
घर पर रहने और ज्वेलरी चोरी पर दी सफाई
श्रद्धा ने स्वीकार किया कि शिवा पिछले दो महीनों से उनके घर पर रहने आया था। इस दौरान उनके घर से ज्वेलरी चोरी होने की बात भी सामने आई थी, लेकिन श्रद्धा का कहना है कि यह कोई बहुत बड़ी बात नहीं थी।
मां को पसंद नहीं था मेरा रिश्ता और उम्र का फासला
इस पूरे विवाद के पीछे पारिवारिक अनबन की बात सामने रखते हुए श्रद्धा ने कहा कि वह शिवा से उम्र में बड़ी थीं, यही वजह थी कि शिवा की मां उन्हें पसंद नहीं करती थीं और उनसे चिढ़ती थीं।
नौ दिनों से फरार श्रद्धा दुबे मेकअप में मीडिया को दे रही बयान
इधर श्रद्धा दुबे पर पुलिस ने इनामी राशि बढ़ा रही है और उधर श्रद्धा दुबे मीडिया में बयान दे रही है। श्रद्धा दुबे लखनऊ पुलिस को मिल नहीं रही है और पत्रकार ने श्रद्धा दुबे को खोज निकाला वो भी बिना सर्विलांस के। बड़े बड़े अपराधियों को पलक झपकते ही धर दबोचने वाली यूपी पुलिस श्रृद्धा दुबे के मामले में फेल क्यों हो रही है। एनआई को श्रृद्धा का इंटरव्यू मिल जाता है और पुलिस खाली हाथ।
जिस श्रद्धा को लखनऊ पुलिस की दर्जनों टीम तलाश रही वो तो ANI के माइक आईडी पर अपना बयान जारी कर रही है। राजधानी के चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में फरार चल रही मुख्य आरोपित श्रद्धा दुबे का वीडियो बयान सामने आने के सनसनी फैल गई है। दावा किया जा रहा है कि नौ दिनों से फरार श्रद्धा दुबे मेकअप में मीडिया को बयान दे रही है, जबकि दूसरी तरफ लखनऊ पुलिस की 10 टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है, वही श्रद्धा दुबे खुलेआम मीडिया के सामने कैसे आ रही है। हत्या के आरोपों के बीच फरार श्रद्धा का इस तरह बयान देना केस को और हाईप्रोफाइल बना रहा है। अब सवाल सिर्फ श्रद्धा की गिरफ्तारी का नहीं, बल्कि लखनऊ पुलिस की कार्यशैली का भी है। क्या पुलिस सिर्फ दबिश देती रही और आरोपी कैमरे पर बयान देती रही। क्या श्रद्धा दुबे ने पुलिस के इनामी ऐलान और सर्च ऑपरेशन दोनों की हवा निकाल दी।
श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश की तेजी से तलाश
लखनऊ पुलिस ने कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में श्रद्धा दुबे पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित करने के बाद मीडिया को बताया कि श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश की तेजी से तलाश की जा रही है। डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने सुल्तानगंज चौकी से बाहर आकर मीडिया से बातचीत में कहा कि तीनों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। आरोपियों के संभावित ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी जारी है। तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस तलाश में जुटी है।
हजरतगंज चर्चित कोतवाल विक्रम सिंह लाइन हाजिर
लखनऊ के पुलिस कमिश्नर तरूण गाबा ने हजरतगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। उन्होंने इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर का कारण नहीं बताया गया है। माना जा रहा है कि शिवा शर्मा हत्याकांड में लापरवाही और अभी तक नामजद आरोपी श्रद्धा दुबे व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के कारण ही उन्हें लाइन हाजिर किया गया है।
