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    आगरा-एक्सप्रेसवे हादसा: घटनास्थल से अस्पताल तक दर्द में भी अपनों को ढूंढती रही निगाहें

    Updated: Tue, 26 May 2026 11:05 PM (IST)

    उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण बस हादसे के बाद घायलों को लखनऊ के ट्रामा सेंटर लाया गया। दर्द में भी वे अपने परिजनों को ढूंढते रहे, जबकि ...और पढ़ें

    घटनास्थल से अस्पताल तक दर्द में भी अपनों को ढूंढती रही निगाहें।

    घटनास्थल से अस्पताल तक दर्द में भी अपनों को ढूंढती रही निगाहें।

    HighLights

    1. उन्नाव बस हादसे के घायल लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती।

    2. घायल दर्द में भी अपने परिजनों की तलाश कर रहे।

    3. कई यात्रियों की हालत गंभीर, दो वेंटिलेटर पर।

    संतोष तिवारी, लखनऊ। उन्नाव में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद घायलों की निगाहें घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक दर्द में भी अपनों को खोजती रही। मंगलवार की सुबह सात बजे से घायलों को लेकर एक के बाद एक कई एम्बुलेंस ट्रामा सेंटर पहुंचने लगी तो इमरजेंसी वार्ड में लोगों की भीड़ लग गई।

    चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद अधिकांश को ट्रामा के सर्जरी वार्ड में भर्ती किया। टीम की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। पुलिस और चिकित्सकों की मदद से घायलों के परिवारजन को घटना की जानकारी दी गई है।

    बस्ती की रहने वाली हबीबा अपने पति सोमी अली के साथ दिल्ली में रहकर कपड़े सिलने का काम करती हैं। दिल्ली के मौरी गेट से वह गर्मी की छुट्टियों में घर आने के लिए रात में बस पर सवार हुई।

    हबीबा बताती हैं कि सुबह नींद में थी तभी धमाके जैसी तेज आवाज आई। वह कुछ समझ पाती इसके पहले ही बस पलट गई। शीशे टूट गए और हर तरफ चीख-पुकार मच गई। चोट लगने से वह बेहोश हो गई। कुछ देर बाद होश आया तो वह एम्बुलेंस में थी। हालत नाजुक होने पर उन्हें ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया।

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    घटना के बाद उन्हें पति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही है। ट्रामा सेंटर में वह रोती रही और सबसे यही पूछती रही कि मेरे पति कहां हैं उनसे बात करा दीजिए। बस्ती के हरैया निवासी अमरदीप सिंह मेरठ के निजी कालेज से बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं। मंगलवार को वह भी दिल्ली से अपने घर जा रहे थे।

    पिता रवींद्र सिंह बताते हैं कि सुबह सात बजे एम्बुलेंस कर्मी ने बेटे के घायल होने की सूचना दी। किसी तरह वह अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने बेटे को आइसीयू में भर्ती किया है। दोपहर 12 बजे तक वह अपने बेटे को देख भी नहीं सके।

    परीक्षा देने जा रहे थे घर, अस्पताल में आया होश

    कुशीनगर के पडरौना निवासी गणेश कुमार दीक्षित ने बताया कि आगामी 28 मई को उनकी शास्त्री की परीक्षा है। बस में सवार होकर वह दिल्ली से गांव जा रहे थे। सुबह पांच बजे हादसा हुआ। घटना में उन्हें सिर, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आई। हादसे के बाद उन्हें होश आया तो अस्पताल में थे।

    उन्होंने अपने मोबाइल फोन से परिवारजन को जानकारी दी। बिहार के बेतिया नीवासी शाहिद दत्ता दिल्ली में रहकर पढ़ाई के साथ नौकरी करते हैं। गर्मी की छुट्टी में वह गांव जा रहे थे। हादसे में उन्हें भी चोटें आई हैं।

    कैदी को पेशी पर ले गए सिपाहियों की हालत गंभीर

    बिहार के सिवान निवासी रोधन कुमार और गया निवासी मोहम्मद वसीम सिपाही हैं। वह 24 मई को बिहार पुलिस के दारोगा के साथ एक कैदी को पेशी पर लेकर गुरुग्राम गए थे। 25 मई को पेशी में शामिल होने के बाद उसे लेकर बस से बिहार लौट रहे थे। हादसे में दोनों सिपाहियों को गंभीर चोटें आई हैं। इन्हे भी ट्रामा सेंटर में भर्ती किया गया है। दारोगा और कैदी के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

    ट्रामा सेंटर प्रभारी प्रेमराज सिंह ने बताया कि घटना में 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सात लोगों की मौके पर मौत हो गई। 26 लोगों को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। एक को मृत अवस्था में लाया गया था। दो लोगों की की हालत ज्यादा नाजुक होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया है। 12 की हालत गंभीर है।

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