अखिलेश यादव का BJP पर तंज, बोले- शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाना महज दिखावा, हार के डर से लिया फैसला
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार द्वारा शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने को दिखावटी बताया है। ...और पढ़ें
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हार के भय से भाजपा सरकार ने बढ़ाया शिक्षामित्रों का मानदेय: अखिलेश यादव

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। भाजपा सरकार द्वारा शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिखावटी करार दिया है। सपा प्रमुख ने बुधवार को एक्स पर शिक्षामित्रों के नाम पत्र लिखा है।
सपा प्रमुख ने इसमें लिखा, ‘हमारे समय में आपको 40 हजार रुपये मिलते थे। नौ वर्षों के अत्याचार के बाद, शिक्षक मित्रों की एकता, एकजुटता व आक्रोश से भयभीत होकर भाजपा सरकार ने दिखावटी कृपा करते हुए वेतन में वृद्धि तो की, लेकिन केवल 18 हजार रुपये तक और वह भी हार के भय से। यदि भाजपा वास्तव में हितैषी है, तो उसे पिछले वर्षों का बकाया भी चुकाना चाहिए।’
सपा प्रमुख ने आगे लिखा कि भाजपा सरकार की उपेक्षा के कारण शिक्षक मित्रों को वर्षों से हर महीने 22 हजार का नुकसान उठाना पड़ा है। इसे एक प्रतीकात्मक राशि मानते हुए, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के सभी पीड़ित शिक्षक मित्र अपने परिवारों, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और आसपास के लोगों के साथ एकजुट होकर भाजपा के विरुद्ध 22 हजार वोट डालेंगे।
भाजपा को पराजित करने और 'पीडीए सरकार' बनाने का संकल्प लेंगे। भाजपा के अत्याचार के कारण जिन शिक्षक मित्रों ने अपनी जान गंवाई है, उनके परिवारों के साथ हम भविष्य में भी खड़े रहने और उनका समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पीडीए सरकार के आने पर शिक्षक मित्रों का सम्मान, आदर और वेतन बढ़ेगा। वहीं पार्टी की ओर से जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि भाजपाई संगी-साथियों की विभाजनकारी नीतियां अपने ही देश के लोगों को एक-दूसरे से डराती हैं, लड़ाती हैं।
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जिससे लोगों का ध्यान इनके भ्रष्ट शासन-प्रशासन की ओर न जाए और लोगों की भावनाओं का दुरुपयोग कर, ये लोग अपना स्वार्थ सिद्ध करते रहें।
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