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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sambhal Violence: अखिलेश बोले- भाजपा की नाकामी है 'संभल हिंसा', मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये देने का एलान

Updated: Sat, 30 Nov 2024 06:14 PM (IST)

समाजवादी पार्टी ने ऐलान किया है कि संभल हिंसा में मारे गए मृतकों के परिवारों को पार्टी पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा के रूप में देगी। इसके साथ ही पार्टी ...और पढ़ें

समाजवादी पार्टी ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये देने का एलान किया। (तस्वीर जागरण)
समाजवादी पार्टी ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये देने का एलान किया। (तस्वीर जागरण)

जागरण संवाददाता, लखनऊ। संभल हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों को समाजवादी पार्टी पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देगी। सपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मुआवजे का एलान किया है। इसके साथ ही पार्टी ने योगी सरकार से मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये देने की मांग भी की है।

सपा ने मांग की है कि यूपी सरकार पीड़ितों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये आर्थिक सहायता दे, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। इसके साथ ही सपा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और प्रशासन की नामाकी की वजह से संभल में पांच लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और इतने बड़े स्तर पर हिंसा हुआ।

अखिलेश ने सरकार पर साधा निशाना

इसके अलावा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, 'संभल में पूरा का पूरा सरकार का और प्रशासन का कराया हुआ झगड़ा था। अन्याय अगर किसी ने किया है तो सरकार और प्रशासन ने मिलकर किया है।'

उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि लोगों को न्याय मिले। प्रशासन जो भी बातें कह रहा है वो सरकार के इशारे पर कह रहा है। 24 नवंबर को अगर तैयारी पहले से होती तो इतना बड़ा बवाल ना होता। इसके लिए सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी बड़ी बनती है।'

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मस्जिद के सर्वे पर अखिलेश ने उठाया सवाल

अखिलेश ने सवाल उठाते हुए कहा, 'पहले दिन जब सर्वे हुआ, तो सभी लोगों ने मिलकर सर्वे कराया, आखिर दोबारा सर्वे करने का मन क्यों बनाया गया। सर्वे करने के लिए जब टीम गई थी, तो फिर उसमें बीजेपी के कार्यकर्ता क्यों गए। ये पूरा का पूरा भाजपा सरकार का कराया हुआ झगड़ा है। सरकार और प्रशासन ने मिलकर अन्याय किया है।'

उन्होंने कहा कि लोगों को शांति चाहिये, लेकिन भारतीय जनता पार्टी कभी शांति पसंद नहीं करती है।

24 नवंबर को मस्जिद सर्वे के दौरान भड़की थी हिंसा

बता दें कि जामा मस्जिद हरिहर मंदिर प्रकरण में 24 नवंबर को सर्वे के दौरान बवाल हो गया था, जिसमें पथराव व फायरिंग के दौरान पांच लोगों की मौत हो गई थी। इस बवाल के दौरान कई अधिकारी व पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे। इस बवाल के बाद शहर में काफी संख्या में जगह जगह पुलिस बल को तैनात किया गया था, लेकिन अब शहर में शांति व्यवस्था भी कायम हो गई है।

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