यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लखनऊ के बैंक में चोरों ने लगाई सेंध, दीवार तोड़कर काटे 42 लॉकर; लाखों का माल साफ
लखनऊ में एक हैरान करने वाली घटना में बदमाशों ने इंडियन ओवरसीज बैंक की दो दीवारों में सेंध लगाकर 42 लॉकर काट दिए और लाखों रुपये का माल चुरा ले गए। पुलि ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, लखनऊ। मटियारी चौराहा पुलिस चौकी से मात्र सौ मीटर दूर इंडियन ओवरसीज बैंक की दीवार में सेंध लगाकर अंदर घुसे बदमाश चार घंटे तक लगातार लाकर काटते रहे और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। गश्त करने वाली पुलिस भी घटना से अनभिज्ञ रही। देखते ही देखते बदमाशों ने बैंक के 90 में से 42 लाकर काटकर उसमें रखा सामान पार कर गए। चोरी गए सामान का सटीक आकलन तो अभी तक नहीं हो सका है, लेकिन मोटा अनुमान है कि वे करोड़ों का सामान ले गए।
लाकर में अधिकतर लोग ज्वेलरी रखते हैं। बैंक प्रबंधन चोरी गए सामान की सूची तैयार कर लाकर बुक कराने वाले बैंक उपभोक्ताओं से संपर्क कर रहा है। बैंक मैनेजर तरफ से अज्ञात चोरों के खिलाफ चिनहट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह, एडीसीपी पंकज सिंह के साथ पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की। सीसी कैमरे की फुटेज में चार बदमाश दिखे हैं। श्वान दस्ता भी कुछ दूर जाकर भटक गया।
खाली प्लॉट से दाखिल हुए थे चोर
रविवार दोपहर डेढ़ बजे बैंक के बगल की दुकान के मालिक जफर ने दीवार को कटा देखा तो पुलिस को इसकी सूचना दी। बदमाश बैंक के पीछे खाली प्लाट से दाखिल हुए थे, जिसकी दीवार टूटी थी। बैंक के पीछे की दीवार को करीब दो फीट गोलाई में काटकर चार बदमाश अंदर दाखिल हुए। अलार्म सिस्टम के तार को काटा। इसके बाद लाकर रूम की दीवार को कटर से काटा और अंदर पहुंच गए।
अनुमान लगाया जा रहा है कि तीन से चार बदमाश बाहर से भी नजर रखे थे। घटनास्थल पहुंचे दल के श्वान बैंक से बाहर बाएं तरफ गए। करीब 200 मीटर तक चलने के बाद श्वान इधर-उधर भटकते रहे। फिर किसी दिशा में नहीं जा सके।
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चोरी के बाद पुलिस ने सीसी कैमरे खंगाले तो परिसर के बाहर सिर्फ एक कैमरा लगा मिला। ऐसे में उसमें कुछ खास कैद नहीं हो सका। बैंक मैनेजर संदीप कुमार समेत अन्य कर्मचारियों को बुलाया गया है। पता चला कि बैंक में 90 लाकर हैं, सभी बुक हैं।
इस घटना में इंडियन ओवरसीज बैंक का पक्ष जानने के लिए चीफ रीजनल मैनेजर (सीआरएम) राजेश को कई बार फोन और मैसेज किया गया, लेकिन उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। हालांकि नाम न छापने की शर्त पर बैंक की एक अधिकारी ने बताया कि बैंक के रीजनल मैनेजर आरएम विकास शर्मा ने मौके का निरीक्षण किया है