चित्रकूट की बाढ़ से मिला बड़ा सबक, अब मंदाकिनी नदी के कैचमेंट से हटेगा अतिक्रमण
CM Yogi Adityanath Review: मुख्यमंत्री ने कहा कि पवित्र मंदाकिनी में किसी भी दशा में सीवर अथवा नालों का पानी ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री ने जनपद चित्रकूट के भ्रमण से लौटकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की।
HighLights
प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर लौटे मुख्यमंत्री ने राहत के साथ भविष्य की तैयारी पर दिया जोर
बैठक में फसल-मकान क्षति का तत्काल सर्वे करने और प्रभावितों को मुआवजा देने के निर्देश
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को दिन में चित्रकूट में प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर लौटे। इसके बाद देर शाम को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में तत्काल राहत के साथ भविष्य के लिए स्थायी समाधान की चुनौती पर फोकस किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक तरफ प्रभावित परिवारों, किसानों, व्यापारियों और धार्मिक स्थलों को हुए नुकसान का आकलन कर तत्काल सहायता देने के निर्देश दिए, तो दूसरी तरफ मंदाकिनी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा बन रहे अतिक्रमण, जल निकासी और नदी में गिर रहे सीवर-नालों के पानी को लेकर दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने को कहा है।
मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के निर्देश
मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रभावित किसानों की फसल क्षति का सर्वे शीघ्र पूरा कर पात्र किसानों को मुआवजा दिया जाए। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी दिए।
फसल एवं मकान की क्षति का तत्काल कराएं सर्वे
मुख्यमंत्री ने आज अतिवृष्टि प्रभावित जनपद चित्रकूट के भ्रमण से लौटकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने तथा फसल एवं मकान की क्षति का तत्काल सर्वे कराकर पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़ने तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण चिह्नित कर हटाने के निर्देश
बाढ़ के पीछे प्राकृतिक जल प्रवाह और कैचमेंट क्षेत्र से जुड़े पहलुओं को महत्वपूर्ण मानते हुए मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण चिह्नित कर हटाने के निर्देश दिए। इसके लिए अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों से संवाद करने को कहा गया है। घाटों के विस्तारीकरण के लिए भी कार्ययोजना तैयार होगी।
मंदाकिनी में न जाए सीवर अथवा नालों का पानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पवित्र मंदाकिनी में किसी भी दशा में सीवर अथवा नालों का पानी नहीं जाना चाहिए। पर्यटन, सिंचाई और नगर विकास विभाग को समन्वय से ठोस कार्ययोजना बनाकर इसे लागू करने को कहा गया है। मंदाकिनी पर बने फुट ओवर ब्रिज की सुरक्षा को देखते हुए पीडब्ल्यूडी को सेफ्टी आडिट कराने के निर्देश दिए गए। चित्रकूट धाम से एयरपोर्ट जाने वाले मार्ग की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने इसका काम विजयादशमी से पहले पूरा कराने और देरी के कारणों की समीक्षा कर जवाबदेही तय करने को कहा है।
48 घंटे में पूरा कराएं शेष राहत किट का वितरण
मुख्यमंत्री ने शेष राहत किट का वितरण 48 घंटे में पूरा कराने को कहा। बाढ़ का पानी उतरने के बाद संक्रामक बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने, साफ-सफाई और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पशुधन की सुरक्षा के लिए गोशालाओं की जांच, पर्याप्त चारे की व्यवस्था और लंपी रोग से बचाव के इंतजाम करने को भी कहा गया।
व्यापारियों और मंदिरों के नुकसान का भी होगा आकलन
बाढ़ की मार झेलने वाले चित्रकूट धाम के व्यापारियों को हुए नुकसान का सर्वे कर विशेष सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। मठ-मंदिरों को हुई क्षति का भी आकलन कर मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू कराने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण में सहयोग करेगी।
