विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उत्तर प्रदेश सरकार ने उठाया बड़ा कदम, तकनीकी के साथ ही अब व्यवहारिक हुनर भी सीखेंगे युवा

Published: Mon, 27 Jul 2026 02:00 PM (IST)

UP Skill Development: तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं को ऐसे व्यवहारिक और पेशेवर कौशल सिखाए जाएंगे, जिनकी आज उद्योग जगत में सबसे अधिक मांग है।

व्यावसायिक शिक्षा कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम

व्यावसायिक शिक्षा कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम

HighLights

  1. यूपी कौशल विकास मिशन ने बनाए सात साफ्ट स्किल पार्टनर

  2. संवाद, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व, इंटरव्यू और कार्यस्थल के पेशेवर व्यवहार का मिलेगा प्रशिक्षण

राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने युवाओं को रोजगार के लिए पूरी तरह तैयार करने की दिशा में एक और कदम उठाया है।

मिशन ने अब सात संस्थाओं को साफ्ट स्किल पार्टनर के रूप में नामित किया है। इन संस्थाओं के माध्यम से तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं को ऐसे व्यवहारिक और पेशेवर कौशल सिखाए जाएंगे, जिनकी आज उद्योग जगत में सबसे अधिक मांग है।

इससे प्रशिक्षित युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी और उन्हें इंटरव्यू से लेकर कार्यस्थल तक बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी। मिशन के साफ्ट स्किल पार्टनर के रूप में वाधवानी फाउंडेशन, जनरेशन इंडिया फाउंडेशन, ओरैकल स्किल डेवलपमेंट इनिशिएटिव, मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन, मेंटरमी फाउंडेशन, हेड हेल्ड हाई और रैना एजुकेशन फाउंडेशन को जोड़ा गया है।

ये संस्थाएं युवाओं को प्रभावी संवाद (कम्युनिकेशन स्किल), व्यक्तित्व विकास, टीम के साथ काम करने की क्षमता, नेतृत्व कौशल, समय प्रबंधन, समस्या समाधान, डिजिटल व्यवहार (डिजिटल एटीकेट), इंटरव्यू की तैयारी तथा कार्यस्थल पर पेशेवर आचरण का प्रशिक्षण देंगी। मिशन का मानना है कि आज केवल तकनीकी दक्षता रोजगार की गारंटी नहीं है।

उद्योग ऐसे युवाओं को प्राथमिकता देते हैं जो आत्मविश्वास के साथ संवाद कर सकें, टीम में बेहतर समन्वय स्थापित कर सकें, समय का प्रभावी प्रबंधन करें और बदलते कार्य परिवेश के अनुरूप खुद को ढाल सकें। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए साफ्ट स्किल प्रशिक्षण को प्रशिक्षण व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।

व्यावसायिक शिक्षा कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम के अनुसार इस पहल से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा, नौकरी पाने और लंबे समय तक कार्यस्थल पर सफल रहने की संभावना मजबूत होगी।

साथ ही उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुरूप दक्ष, अनुशासित और पेशेवर मानव संसाधन उपलब्ध होगा। इससे प्रदेश में रोजगारोन्मुख कौशल प्रशिक्षण को नई दिशा देने के साथ युवाओं को प्रतिस्पर्धी रोजगार बाजार के लिए अधिक सक्षम बनाएगी।