यूपी में भाजपा में अंदरूनी कलह: मेरठ-सहारनपुर के कार्यकर्ताओं ने नितिन नवीन के सामने जताई नाराजगी
मेरठ और सहारनपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के सामने संगठन में दागी चेहरों को तरजीह देने ...और पढ़ें

नितिन नवीन।
HighLights
मेरठ-सहारनपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने संगठन पर सवाल उठाए।
दागी चेहरों को तरजीह, अनुभवी कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर रोष।
नितिन नवीन ने तीसरी बार सरकार बनाने का संकल्प दिलाया।
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। तीसरी बार सत्ता पाने का सपना लेकर बढ़ रही भाजपा के अंदर चुनौतियों का चक्रवात भी बन रहा है। 21 और 22 सितंबर में मेरठ व सहारनपुर दौरे में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश सह प्रभारी जगदीश ईश्वर पटेल, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी व प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के सामने ही पूर्व पदाधिकारियों ने संगठन में दागी और सिफारिशी चेहरों को तवज्जो देने, अनुभवी कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने एवं जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के वर्ताव की शिकायतें कीं।
कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय नेतृत्व को यह भी बता दिया कि मेरठ के सेंट्रल मार्केट प्रकरण में जिस प्रकार जनप्रतिनिधियों ने व्यापारियों को अकेला छोड़ दिया, उसका असर पश्चिम यूपी पर पड़ेगा। वहीं, नवीन अब ‘उन्हें सब कुछ भूलकर तीसरी बार अपनी सरकार बनवाने’ का संकल्प दिलाते हुए बढ़ेंगे।
नितिन नवीन पहली बार यूपी में चार और पांच जुलाई को लखनऊ में प्रवास किया
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन पहली बार यूपी में चार और पांच जुलाई को लखनऊ में प्रवास किया। उन्होंने पुराने एवं हाशिए पर पहुंचे पूर्व जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों का दर्द सुना। लेकिन मेरठ में विरोध का स्वर बढ़ा हुआ मिला। उनका दर्द था कि बाहरी चेहरों को संगठन से लेकर सरकार तक अहम ओहदे मिल गए, जबकि मूल कैडर के कार्यकर्ता इंतजार करते रहे।
पार्टी समझ रही है कि नवीन के अन्य पांच क्षेत्रों काशी, गोरखपुर, ब्रज, कानपुर एवं अवध में संगठनात्मक प्रवास के दौरान कार्यकर्ताओं की नाराजगी सामने आएगी, ऐसे में उन्हें आश्वासन दिया जा रहा कि तीसरी बार सरकार बनवाएं, जिसके बाद सबकी हर बात सुनी जाएगी।
प्रभारी मंत्रियों की रिपोर्ट भी ज्यादातर जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मिली
प्रभारी मंत्रियों की रिपोर्ट भी ज्यादातर जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मिली है। प्रदेश, क्षेत्रीय एवं जिला संगठनों के गठन के बाद कई क्षेत्रों में आरोप लगे। कार्यकर्ता संघ से लेकर भाजपा के हर मंच पर बता चुके हैं कि अधिकारियों के यहां उनकी कोई सुनवाई नहीं है। पिछले दिनों मंत्री राकेश राठौर सीतापुर के एक थाने में रो पड़े। सहयोगी दलों के मंत्री संजय निषाद और ओमप्रकाश राजभर कई अधिकारियों के रवैये पर सवाल उठा चुके हैं।
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पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं में निराशा
रणनीतिकारों का कहना है कि अवध एवं कानपुर क्षेत्र की संघ और भाजपा की समन्वय बैठकों में भी माना गया कि पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं में निराशा का सीधा असर चुनाव पर पड़ेगा। अब ब्रज-पश्चिम और काशी-गोरखपुर की बैठकों में कार्यकर्ताओं का मलाल दूर कर उन्हें चुनावी रूप से सक्रिय करने की रणनीति बनाई जाएगी।
