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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    मायावती का बड़ा फैसला, आकाश आनंद के पिता को BSP के नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटाया; किसे सौंपी जिम्मेदारी?

    Updated: Wed, 05 Mar 2025 12:07 PM (GMT+05:30)

    बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने एक बड़ा फैसला लेते हुए आकाश आनंद के पिता आनंद कुमार को नेशनल कोऑर्डिनेटर के पद से हटा दिया है। दो दिन ...और पढ़ें

    बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती
    बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद के पिता आनंद कुमार को नेशनल कोऑर्डिनेटर के पद से हटा दिया है। दो दिन पहले ही उन्हें इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आनंद कुमार की जगह पर अब पार्टी ने सहारनपुर के रणधीर बेनीवाल व रामजी गौतम को नेशनल कोऑर्डिनेटर के पद पर नियुक्त किया है। बसपा प्रमुख मायावती ने यह जानकारी सोशल मीडिया पर पर साझा की है।

    मायावती ने कहा, काफी लम्बे समय से निस्वार्थ सेवा व समर्पण के साथ कार्यरत बीएसपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  आनन्द कुमार, जिन्हें अभी हाल ही में नेशनल कोऑर्डिनेटर भी बनाया गया था, उन्होंने पार्टी व मूवमेन्ट के हित के मद्देनजर एक पद पर रहकर कार्य करने की इच्छा व्यक्त की है, जिसका स्वागत है।

    रणधीर बेनीवाल बने बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर

    ऐसे में आनन्द कुमार पहले की ही तरह बीएसपी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर रहते हुए सीधे मेरे दिशा-निर्देशन में पूर्ववत अपनी ज़िम्मेदारियों को निभाते रहेंगे। और अब उनकी जगह यूपी के ज़िला सहारनपुर निवासी रणधीर बेनीवाल को नेशनल कोऑर्डिनेटर की नई जिम्मेदारी दी गयी है।

    अब रामजी गौतम व रणधीर बेनीवाल ये दोनों बीएसपी नेशनल कोऑर्डिनेटर के रूप में सीधे मायावती के दिशा-निर्देशन में देश के विभिन्न राज्यों की जिम्मेदारियों को संभालेंगे।

    अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाला

    बात 12 फरवरी 2025 की है। मायावती (Mayawati) ने अपने भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद (Akash Anand) के ससुर अशोक सिद्धार्थ (Ashok Siddharth) को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसकी जानकारी मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर दी थी।

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    मायावती का कहना था कि चेतावनी के बावजूद अशोक सिद्धार्थ गुटबाजी आदि की गतिविधियों में लिप्त थे। इसी वजह से पार्टी ने फैसला लिया है। 

    आकाश आनंद पर एक्शन

    अभी एक महीने भी नहीं बीते थे कि मायावती ने भतीजे को लेकर बड़ा एक्शन ले लिया। 2 मार्च को आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से मुक्त कर दिया। मायावती ने बताया कि अशोक सिद्धार्थ ने आकाश आनंद का राजनीतिक करियर बर्बाद किया। अशोक सिद्धार्थ को निकालना पड़ा। आकाश आनंद पर उनकी पत्नी का प्रभाव था, जो पार्टी हित में नहीं था। उन्होंने कहा कि मेरे जीते जी मेरा कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा।

    मायावती ने कहना है कि आकाश आनंद लगातार अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के संपर्क में रहे, जिन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था। आकाश को पश्चताप करके अपनी परिपक्वता दिखानी थी, लेकिन इसके विपरीत वो लम्बी-चौड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वह उनके पछतावे व राजनीतिक मैच्युरिटी का नहीं, बल्कि ससुर के ही प्रभाव वाला ज्यादातर स्वार्थी, अहंकारी व गैर-मिशनरी है।

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