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आकाश आनंद के लिए ससुर अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से लिया संन्यास, बोले- बहनजी का हर आदेश मेरे लिए अंतिम

Published: Thu, 10 Sep 2026 08:09 AM (IST)

बसपा के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की है। उन्होंने मायावती के आदेश ...और पढ़ें

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HighLights

  1. अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की।

  2. मायावती के आदेश को अंतिम बताया, आकाश आनंद से जुड़े आरोपों का खंडन।

  3. कहा, उनके संन्यास को आकाश आनंद की वापसी से न जोड़ा जाए।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली/लखनऊ। बसपा के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास ले लिया है। गुरुवार सुबह उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।

उन्होंने मायावती को संबोधित करते हुए उन्होंने लिखा- “बहन जी का हर आदेश मेरे लिए अंतिम है।”

आकाश आनंद को गुमराह करने और पार्टी पर कब्जे की कोशिश के आरोपों को साजिश बताया। कहा कि पिछले कई महीनों में आकाश आनंद से उनकी मुलाकात तक नहीं हुई।

अशोक सिद्धार्थ ने यह भी कहा कि उनके संन्यास को आकाश आनंद की वापसी से न जोड़ा जाए। आकाश पहले मायावती के भतीजे हैं, बाद में उनके दामाद।

उन्होंने कहा कि अगर मेरी मौजूदगी बहुजन मिशन को नुकसान पहुंचा रही है तो मैं इसी वक्त राजनीतिक और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने को तैयार हूं।

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बता दें कि एक दिन पहले ही मायावती ने कहा था कि वह भतीजे आकाश आनंद को पार्टी में तभी वापस लेंगी, जब उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ राजनीति से संन्यास लेंगे।

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मायावती ने रखी थी शर्त

मायावती ने कहा था कि पार्टी ने अशोक सिद्धार्थ को अपनी गलतियां सुधारने के कई मौके दिए, लेकिन उन्होंने बहुजन समाज और पार्टी के मिशन से ज्यादा निजी और पारिवारिक स्वार्थ को महत्व दिया। अब भी अशोक सिद्धार्थ के पास मौका है कि वे अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा छोड़कर पूरी तरह राजनीति से संन्यास ले लें। इसके बाद ही उनके दामाद आकाश आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियां वापस देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा सकता है।

विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटीं मायावती

बता दें कि बसपा प्रमुख मायावती उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारी में जुटी हैं। ऐसे समय में उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ता, नेता और अन्य को साफ संदेश दिया है कि दलित समाज के लोग निजी या पारिवारिक स्वार्थ में ऐसा कोई भी कार्य नहीं करें, जो पार्टी के तीन राज्यों के चुनाव में बाधा उत्पन्न करे और इतिहास उन्हें माफ ना कर पाये।

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मायावती ने एक्स पर किया था पोस्ट

मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि बीएसपी का शीर्ष नेतृत्व इन बातों का खास ध्यान देते हुये भूले-भटके हुये लोगों को उनके अचार-व्यवहार आदि को ध्यान में रखकर पार्टी में शामिल कर रहा है। जो लोग इसकी राह में थोड़ा भी रुकावट बनने की कोशिश कर रहे हैं, उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई आदि भी की जा रही है। जिसका उदाहरण हैं बीएसपी से राज्यसभा सदस्य रहे अशोक सिद्धार्थ।