बसपा अध्यक्ष मायावती का समाजवादी पार्टी पर बड़ा हमला, उनके PDA को बताया सिर्फ छलावा
Mayawati: मायावती ने सपा के रामगोपाल यादव को टिकट देने को लेकर कहा कि BSP परिवार और रिश्तेदारों को टिकट नहीं देती है।

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती
HighLights
सपा के राज्यसभा चुनाव में तीसरा प्रत्याशी उतारने की तैयारी के बीच मायावती का तंज
सपा का तीसरा प्रत्याशी चुनाव हारने के लिए होगा : मायावती
पीडीए दिखावा, परिवार और पूंजीपतियों को प्राथमिकता देती है सपा: मायावती
डिजिटल डेस्क, लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। बसपा सुप्रीमो ने एक्स पर बड़ा पोस्ट किया और उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की तैयारी में जुटी समाजवादी पार्टी पर तंज कसा।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद और धनबल की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए पीडीए के नारे पर सवाल उठाया है। मायावती ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा कि सपा को चुनाव में पीडीए के वोट तो चाहिए, लेकिन सांसद और विधायक बनाने में वह अपने परिवार और बड़े पूंजीपतियों को प्राथमिकता देती है।
इसका ताजा उदाहरण राज्यसभा चुनाव का है। सपा ने अपने वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव को फिर उम्मीदवार बनाया है, जो सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी रिश्तेदार हैं। दूसरे उम्मीदवार धनराज नथवानी चर्चित उद्योग घराने से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि सपा का तीसरा उम्मीदवार भी पहले की तरह चुनाव हारने के लिए केवल ‘फेस सेविंग’ का माध्यम हो सकता है। जनता को इनके पीडीए के बहकावे में नहीं आना चाहिए।
मायावती ने सपा के रामगोपाल यादव को टिकट देने को लेकर कहा कि BSP परिवार और रिश्तेदारों को टिकट नहीं देती है। उन्होंने पूंजीपतियों और धन्नासेठों को भी टिकट नहीं देने का दावा किया। मायावती ने कहा कि सपा परिवार और धन्नासेठों को टिकट देती है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मायावती BSP चुनाव में धनबल का सहारा नहीं लेती है।
मायावती ने समाजवादी पार्टी के PDA को सिर्फ छलावा बताया और राज्यसभा चुनाव में तीसरे प्रत्याशी को उतारने की तैयारी में लगी पार्टी पर तंज भी कसा है। मायावती ने कहा कि सपा का तीसरा प्रत्याशी चुनाव हारने के लिए होगा।
बसपा मुखिया ने कहा कि बीएसपी किसी भी छोटे-बड़े चुनाव में विरोधी पार्टियों में भी खासकर समाजवादी पार्टी (सपा) की तरह अपने परिवार, सगे-सम्बंधी, भाई-भतीजों, करीबी रिश्ते-नातेदारों के साथ ही विशेषकर बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों आदि को टिकट नहीं देती है।
पार्टी चुनावों में उनके धनबल का सहारा नहीं लेती है, बल्कि पार्टी में कार्यरत सर्वसमाज में से केवल गरीब, मध्यम वर्ग व कमज़ोर तबकों के कर्मठ अम्बेडकरवादी लोगों को ही अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाती है। बीएसपी की राजनीति परिवारवाद व धनबल से मुक्त व पाक-साफ है। सपा ठीक इसके विपरीत कार्य करती है, जो अपने आपको समाजवादी व कथित ’पीडीए’ (PDA) की पार्टी होने का राजनीतिक ढोंग व छलावा करती हुई अधिक नजर आती है।
ताजा उदाहरण राज्यसभा चुनाव का नामांकन
मायावती ने कहा कि सपा के परिवारवाद का खास व ताजा उदाहरण यूपी से राज्यसभा के लिए चुनाव में रामगोपाल यादव का फिर से पर्चा भरवाना है। रामगोपाल यादव तो सपा मुखिया के नजदीकी रिश्तेदार हैं। सपा ने पार्टी का दूसरा उम्मीदवार धनराज परिमल नथवानी को बनाया है, जो चर्चित उद्योग घराने से सम्बद्ध हैं। लोगों की राय में सपा का तीसरा उम्मीदवार पहले की तरह संभवतः ‘फेस सेविंग’ व चुनाव हारने वाला होगा।
खुल गई सपा के पीडीए की पोल
बसपा प्रमुख ने कहा कि सपा का पीडीए’ (PDA) और उसका समाजवाद अर्थात् सपा को चुनाव में वोट तो ‘पीडीए’ का चाहिये, लेकिन सांसद व विधायक आदि अधिकांश अपने परिवार वालों को व बड़े-बड़े पूंजीपतियों को बनाती है। अतः जनता इनके ’पीडीए’ के बहकावे में ना आये तो यह सही।
दोहरा चाल और चरित्र
मायावती ने कहा कि सपा का दोहरा चाल, चरित्र व चेहरा हमेशा से ही रहा है। इसको लेकर खासकर अपरकास्ट समाज के गरीबों तथा ‘बहुजन समाज’ अर्थात दलितों, आदिवासियों, अति-पिछड़ों, मुस्लिम एवं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के समस्त लोगों को अब खासकर यूपी विधानसभा आमचुनाव से पहले ही जरूर पूरी तरह से सचेत/सतर्क हो जाना चाहिये। उन सबका हित अम्बेडकरवादी बीएसपी में ही निहित व सुरक्षित है, बाकी सब छलावा ही छलावा है।
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