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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    यूपी में रोडवेज बसों के ल‍िए जारी हुआ नया फरमान, रात में 25 व दिन में 35 यात्री होने पर ही रवाना होंगी बसें

    By Jagran NewsEdited By: Prabhapunj Mishra
    Updated: Thu, 14 Sep 2023 08:41 AM (GMT+05:30)

    Public Transport उत्‍तर प्रदेश में अब रोडवेज बस में जब रात में 25 व दिन में 35 यात्री होंगे इसके बाद ही बस रवाना होगी। इस नियम से आनलाइन सेवा व मार्ग ...और पढ़ें

    Public Transport In UP: यूपी में बसों के
    Public Transport In UP: यूपी में बसों के

    HighLights

    1. मंत्री दयाशंकर स‍िंह बोले यात्रियों को असुविधा न हो निगम इसका ध्यान रखें
    2. क‍िसी भी बस में 25 से कम यात्री होने पर बस को निरस्त कर यात्रियों को दूसरी बस में क‍िया जाएगा शिफ्ट

    लखनऊ, जागरण संवाददाता। रात में रोडवेज की कोई भी बस 25 यात्रियों से कम होने पर न चले। दिन में 35 यात्री होने पर ही बसों का संचालन कराया जाए। इस नियम से आनलाइन सेवा व मार्ग की अंतिम बस को छूट रहेगी। परिवहन निगम को 29 सितंबर से शुरू हो रहे श्राद्ध पक्ष और आगे नवरात्र में यात्री कम मिलने के आसार हैं। इसीलिए विशेष तैयारियां की गई हैं।

    परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा है कि इस दौरान यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बसों का संचालन किया जाए। परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लीन सीजन में निगम की बसों का संचालन बेहतर करें, ताकि किसी को परेशानी न हो, बसों के लोड फैक्टर व संचालन आय कैसे बढ़े उसे अपनाया जाय।

    इसमें एक बस सेवा वाले किसी मार्ग को छोड़कर रात्रि में कोई भी सेवा 55 प्रतिशत लोड फैक्टर से कम पर संचालित न की जाय। इस दौरान बसों की समय सारिणी बदले तो इसकी सूचना यात्रियों को दी जाए, ताकि यात्री वैकल्पिक व्यवस्था समय से कर लें।

    ग्रामीण मार्गों पर संचालित बसों की समय सारिणी ऐसी बनाएं कि ग्रामीण सेवा अपने गंतव्य स्थल तक शाम सात बजे तक पहुंच जाय और सुबह सात बजे से पहले संचालन न हो। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान पर बस में 25 यात्री से कम न हो, अधिकारी इसका निरीक्षण करें।

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    संबंधित बस को निरस्त करके यात्रियों को दूसरी बस में शिफ्ट कराएं। स्थानीय बस स्टेशन से सेवा शुरू करने वाली बस को पीछे से आने वाली बस के सापेक्ष ही निरस्त किया जाए, जिससे किसी भी यात्री को यात्रा पूरी करने में व्यवधान व असुविधा का सामना न करना पड़े। आवागमन बाधित न हो। बसों का नियमित व समयबद्ध संचालन हर स्तर पर किया जाए।