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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 23, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बदायूं कांड में लड़कियों की तलाश करने वालों से पूछताछ

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Updated: Mon, 23 Jun 2014 07:33 PM (IST)

लखनऊ। सीबीआइ टीम आज फिर से बदायूं कटरा सआदतगंज पहुंची। टीम ने गांव में उस स्थान का फिर

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लखनऊ। सीबीआइ टीम आज फिर से बदायूं कटरा सआदतगंज पहुंची। टीम ने गांव में उस स्थान का फिर से निरीक्षण किया, जहां मुख्य गवाह नजरू ने मुख्य आरोपी पप्पू के साथ हाथापाई हुई थी। सीबीआइ ने वारदात वाली रात चचेरी बहनों की तलाश करने परिजनों के साथ गए नौ लोगों से करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद टीम पीड़ित परिजनों के घर पहुंची, जहां परिजनों से भी बातचीत की।

सोमवार को सीबीआइ टीम 11 बजे कटरा सआदतगंज पहुंच गई। गांव पहुंचने के बाद टीम उस स्थान पर पहुंची, जहां नजरू ने घटना से पहले अपने साथ हाथापाई होना बताया था। टीम ने लड़कियों की तलाश को परिजनों के गए दिगपाल शाक्य, मुनेंद्र शाक्य, पुष्पेंद्र शाक्य, नेम सिंह, वेद प्रकाश, अमर सिंह, विजय सिंह, वीरपाल और चंद्रपाल को मौके पर बुलवाया। टीम ने सभी से अकेले में अलग-अलग पूछताछ की। बता दें कि इन लोगों से पहले भी मंडी समिति गेस्ट हाउस स्थित अपने कैंप कार्यालय में सीबीआइ पूछताछ कर चुकी है। इन लोगों ने स्वीकार किया था कि वारदात वाली रात में सूचना मिलने पर ये लोग किशोरियों की तलाश में गए थे। सीबीआइ ने सबसे यह भी जानकारी ली कि ढूंढ़ने के लिए किधर से और कहां-कहां गए। इसके बाद पीड़ित परिजनों के घर जाकर घर के सदस्यों से बातचीत की। करीब आधा घंटा परिवार के लोगों से बातचीत कर सीबीआइ टीम दोपहर तीन बजे गांव से वापस चली आई। घटना से जुड़े सभी लोगों से अलग-अलग हो रही पूछताछ से गांव में दहशत का माहौल दिखाई दिया। इधर टीम के कुछ सदस्य मंडी समिति गेस्ट हाउस स्थित कैंप कार्यालय में अब तक जुटाए गए साक्ष्यों का अध्ययन करते रहे।

कटरा सआदतगंज में सुबह करीब आठ बजे सीबीआइ के एक अफसर पहुंचे। उन्होंने मृतक चचेरी बहनों के भाई वीरेंद्र से अकेले में करीब आधे घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद वह अफसर वहां से चले आए।