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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Changur Gang : मतांतरण का काला कारोबार बढ़ाने वाला छांगुर था बेखौफ, RSS और PM मोदी की फोटो का भी किया प्रयोग

    Updated: Sat, 19 Jul 2025 03:47 PM (GMT+05:30)

    Changur जलालुद्दीन उर्फ छांगुर को अफसरों और नेताओं को आरएसएस के नागपुर सेंटर से जुड़ी संस्था का पदाधिकारी बताता था। छांगुर अपने आरएसएस से जुड़े एक तथ ...और पढ़ें

    जलालुद्दीन उर्फ छांगुर को अफसरों और नेताओं को आरएसएस के नागपुर सेंटर
    जलालुद्दीन उर्फ छांगुर को अफसरों और नेताओं को आरएसएस के नागपुर सेंटर

    HighLights

    1. लगातार सामने आ रहे जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के काले कारनामे
    2. भारत प्रतिकार्थ सेवा संघ नामक संगठन का अवध क्षेत्र का प्रमुख बना

    डिजिटल टीम, जागरण, लखनऊ : हिंदू युवतियों को प्रेम के जाल में फंसाकर मतांतरण कराने वाले गिरोह के सरगना जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के सपने इतने बड़े थे कि इनको सच करने के लिए उसको राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ(आरएसएस) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नाम व फोटो का प्रयोग किया। उसको इस दौरान जरा भी भय नहीं लगा और उसने बलरामपुर के साथ ही मुंबई और दुबई में संपत्तियां खरीद लीं।

    उत्तर प्रदेश के साथ ही उत्तराखंड, हरियाण और महाराष्ट्र तक मतांतरण कराने में सफल रहा जलालुद्दीन उर्फ छांगुर अपने गिरोह के चार अन्य सदस्यों के साथ एटीएस की गिरफ्त में है। ईडी के साथ यूपी एसटीएफ उसके गिरोह की जड़े खोखली करने में लगी है। जांच एजेंसियों के मुताबिक छांगुर खुद को आरएसएस से जुड़े एक संगठन का सीनियर पदाधिकारी बताकर अधिकारियों और नेताओं से मिलता था। वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर वाला लैटरहेड भी इस्तेमाल करता था, जिससे उसे सरकारी और राजनीतिक तौर पर अलग पहचान मिल सके।

    भारत प्रतिकार्थ सेवा संघ का महासचिव बना था छांगुर

    जलालुद्दीन उर्फ छांगुर को अफसरों और नेताओं को आरएसएस के नागपुर सेंटर से जुड़ी संस्था का पदाधिकारी बताता था। छांगुर अपने आरएसएस से जुड़े एक तथाकथित संगठन "भारत प्रतिकार्थ सेवा संघ" का अवध क्षेत्र का महासचिव बताता था। भारत प्रतिकार्थ सेवा संघ का संचालन उसके मतांतरण गिरोह का सदस्य ईदुल इस्लाम कर रहा था। इस संगठन का नाम जानबूझकर ऐसा रखा गया जिससे लगे कि यह आरएसएस से जुड़ा है।

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    नागपुर में खोला था फर्जी सेंटर

    ईदुल इस्लाम ने संगठन की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए आरएसएस के मुख्यालय वाले शहर महाराष्ट्र के नागपुर में एक फर्जी केंद्र भी खोल रखा था। छांगुर और ईदुल इस्लाम जगह-जगह पर अपने संबंधों को पुख्ता दिखाने के लिए कई प्रमुख आरएसएस नेताओं के नाम लेते थे। एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि इस्लाम स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके ग्राम समुदाय की जमीनों की अवैध खरीद में शामिल था।

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    एटीएस और ईडी की जांच में छांगुर को खाड़ी देशों सहित अन्य देशों से विदेशी स्रोतों से 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम मिलने की पुष्टि हुई है। छांगुर के पास उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में सौ करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां हैं। इनमें से कुछ सरकारी जमीन पर कब्जे भी हैं। ईडी को 60 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के सबूत भी मिले हैं। छांगुर और उसके सहयोगियों के 22 बैंक खातों की जांच के दौरान सारे तथ्य सामने आए हैं।