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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Chief Secretary of UP: उत्तर प्रदेश के नए मुख्य सचिव बने IAS मनोज कुमार सिंह, सीएम योगी की पूरी हुई मंशा

    Updated: Sun, 30 Jun 2024 08:43 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश सरकार में नए मुख्य सचिव की नियुक्ति हो गई। आईएएस मनोज कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव का प्रभार दिया गया है। उनसे पहले मुख्य सचि ...और पढ़ें

    आईएएस मनोज कुमार सिंह और सीएम योगी का फाइल फोटो।
    आईएएस मनोज कुमार सिंह और सीएम योगी का फाइल फोटो।

    HighLights

    1. अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त व सीईओ यूपीडा का भी पद रहेगा साथ
    2. अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी को कृषि उत्पादन आयुक्त का प्रभार

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। वर्ष 1988 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज कुमार सिंह प्रदेश के नए मुख्य सचिव बनाए गए हैं। उनके पास अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आइआइडीसी) व सीईओ यूपीडा का भी पद साथ में रहेगा। 

    मुख्य सचिव बनाए जाने का आदेश जारी होने के बाद मनोज कुमार ने रविवार दोपहर कृषि उत्पादन आयुक्त कार्यालय में ही अपना पदभार ग्रहण कर लिया। शाम को मुख्य सचिव कार्यालय पहुंचकर उन्होंने दुर्गा शंकर मिश्र से मुलाकात की और औपचारिक रूप से उनसे पदभार संभाल लिया। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग व कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी को कृषि उत्पादन आयुक्त का भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

    मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे मुख्य सचिव

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मनोज कुमार को काफी पहले से मुख्य सचिव बनाना चाहते थे, किंतु केंद्र से हरी झंडी नहीं मिलती थी। इस बार मुख्य सचिव की नियुक्ति में दिल्ली के बजाय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ही चली है और मनोज कुमार को मुख्य सचिव बना दिया गया। 

    खींचतान की वजह से नहीं मिल रहे नियमित डीजीपी

    दिल्ली व लखनऊ के बीच खींचतान का ही नतीजा है कि प्रदेश को डीजीपी भी नियमित नहीं मिल पा रहे हैं। इस वर्ष 31 जनवरी को प्रशांत कुमार भी कार्यवाहक डीजीपी ही बनाए गए हैं। इससे पहले विजय कुमार भी कार्यवाहक डीजीपी ही रहे थे।

    कौन हैं आईएएस मनोज कुमार सिंह?

    मनोज कुमार सिंह मूल रूप से झारखंड के रांची के रहने वाले हैं। उनकी गिनती तेज तर्रार अफसरों में होती है। उनका जन्म 25 जुलाई 1965 को हुआ है। वे जुलाई 2025 में सेवानिवृत्त होंगे। 

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    अभी तक उनके पास आईआईडीसी, कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव पंचायती राज, सीईओ यूपीडा जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी। वे 1990 में सबसे पहले मैनपुरी के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट बने थे। इसके बाद उनको अहम जिम्मेदारियां मिलती रहीं। ललितपुर, गौतमबुद्धनगर, पीलीभीत, मुरादाबाद व अलीगढ़ में डीएम भी रह चुके हैं।

    मनोज कुमार सिंह से सीनियर दो अधिकारी 1987 बैच व एक अधिकारी 1988 बैच के हैं। इनमें 1987 बैच के अरुण सिंघल व लीना नंदन हैं। दोनों ही अधिकारी इस समय केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं। 

    अरुण सिंघल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं लीना नंदन उपभोक्ता मामले विभाग में सचिव हैं। 1988 बैच के डा. रजनीश दुबे इस समय राजस्व परिषद के चेयरमैन हैं। उनका रिटायरमेंट इसी वर्ष अगस्त माह में है। 

    दुर्गा शंकर मिश्र को नहीं मिला सेवा विस्तार

    मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र को केंद्र से चौथा सेवा विस्तार नहीं मिल सका। वे पिछले ढाई वर्ष से सेवा विस्तार पर मुख्य सचिव बने हुए थे। रविवार को वे सेवानिवृत्त हो गए। वर्ष 1984 बैच के अधिकारी दुर्गा शंकर रिटायरमेंट से दो दिन पहले 30 दिसंबर 2021 को मुख्य सचिव बनाए गए थे। 

    मुख्य सचिव बनने के साथ ही उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार मिला था। दिसंबर 2022 में दूसरी बार एक और वर्ष के लिए सेवा विस्तार दिया गया था। लोकसभा चुनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने इन्हें तीसरा सेवा विस्तार दिसंबर 2023 में छह महीने के लिए दिया था।

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