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    सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भवन का लोकार्पण, बोले- प्रभावी बनाना होगा अर्ली वार्निंग सिस्टम

    By Digital Desk Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Sun, 19 Jul 2026 03:12 PM (GMT+05:30)

    CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इसके बाद मैंने एसडीएमए की बैठक ली और नाराजगी व्यक्त की थी कि इन सभी मौतों को रोका जा सकता था। ...और पढ़ें

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नवीन मुख्यालय भवन का लोकार्पण किया।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नवीन मुख्यालय भवन का लोकार्पण किया। 

    HighLights

    1. राष्ट्रीय कर्तव्य का हिस्सा होना चाहिए आपदा प्रबंधन : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    2. गोमतीनगर विस्तार में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का नया भवन

    3. दो सौ करोड़ की लागत से किया गया नवीन भवन का निर्माण

    4. आपदा मित्रों को होमगार्ड की भर्ती में दी जाएगी वरीयता

    5. उल्लेखनीय कार्य के लिए आठ कर्मियों का सम्मान

    डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार 19 जुलाई को गोमती नगर विस्तार में शहीद पथ के किनारे उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) के नवीन मुख्यालय भवन का लोकार्पण किया। इस भवन के निर्माण की लागत दो सौ करोड़ रुपये आई है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आपदा प्रबंधन राष्ट्रीय कर्तव्य का हिस्सा होना चाहिए। इसके लिए सभी नागरिकों को जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा आपदा प्रबंधन हर नागरिक की दिनचर्या में शामिल होना चाहिए। नवीन तकनीक और अर्ली वार्निंग सिस्टम के उपयोग से जन व धन हानि को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि होमगार्ड स्वयं सेवकों की भर्ती में आपदा मित्रों को वरीयता दी जाएगी।

    200 लोगों के प्रशिक्षण की व्यवस्था 

    200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस भवन में 200 लोगों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने मानव एवं वन्य जीव संघर्ष को आपदा की श्रेणी में रखा है। सरकार ने पिछले दो वर्षों में बिजनौर से 80 तेंदुओं को विस्थापित किया है।

    पहले से ही सतर्कता बरतने की जरूरत

    अब किसी भी आपदा से होने वाली जन व धन की हानि को बचाया जा सकता है। हम लोग अक्सर आपदा के बाद सक्रिय होते हैं। आपदा के प्रति पहले से ही सतर्कता बरतने की जरूरत है। तैयारी व जागरूकता जन-धन की हानि को न्यूनतम स्तर तक ला सकती है। नियमित तौर पर जागरूकता के कार्यक्रम चलने चाहिए।

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    विद्यार्थियों व टीचरों में जागरूकता लानी होगी

    उन्होंने कहा कि आपदा को लेकर हमें स्वयं के प्रशिक्षण पर ध्यान देने के साथ-साथ स्कूलों व कालेजों में विद्यार्थियों व टीचरों में जागरूकता लानी होगी। यह देश की बहुत बड़ी सेवा होगी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आकाशीय बिजली गिरने से पहले ही हम तकनीकि के माध्यम पता कर लें और लोगों को बता दें तो बचाव संभव है।

    अच्छे संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन

    उत्तर प्रदेश में दो माह पहले फतेहपुर से लेकर प्रयागराज, कौंशांबी, जौनपुर, आजमगढ़, सुलतानपुर व अंबेडकर नगर तक में 111 लोगों की मौत प्राकृतिक आपदा से हुई थी। उन्होंने यूपीएसडीएमए के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन को लेकर अच्छे संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए जाएं। इसके साथ ही हर नागरिक को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाए। जिला, तहसील, थाना, विकास खंड व नगरीय निकाय के स्तर पर जागरूकता पर कार्यक्रम चलाकर लोगों को जाागरू करना होगा। आपदा प्रबंधन के लिए तकनीक के जरिए रिमोंट सेंसिंग व मानीटरिंग की व्यवस्था, एआइ आधारित व्यवस्था, अर्ली वार्निंग सिस्टम, मोबाइल आधारित सूचना प्रसारित करने की व्यवस्था बनानी होगी। मुख्यमंत्री यूपीएसडीएमए के अध्यक्ष भी हैं।

    अर्ली वार्निंग सिस्टम को प्रभावी बनाना होगा

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भवन के लोकार्पण के बाद कहा कि मैं देख रहा था अभी पिछले दिनों एक एक ही दिन में यूपी के अंदर 111 लोगों की मौत हुई थी। सुबह लखनऊ में भी मौसम बहुत अच्छा था, लेकिन अचानक दो बजे के बाद मौसम बदलता गया। एक घंटे के अंदर फतेहपुर से लेकर प्रयागराज, कौशांबी, मिर्जापुर, भदोही, आजमगढ़, सुल्तानपुर, जौनपुर, अंबेडकर नगर जनपदों में कुल मिलाकर 111 लोगों की मौत हुई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इसके बाद मैंने एसडीएमए की बैठक ली और नाराजगी व्यक्त की थी कि इन सभी मौतों को रोका जा सकता था। मैंने उसी दिन कहा था कि हमे अर्ली वार्निंग सिस्टम को प्रभावी बनाना होगा। ठीक तीसरे दिन इसे कोऑर्डिनेशन के साथ आगे बढ़ाया।

    पंचम तल पर स्टेट इमरजेंसी सेंटर 

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि लखनऊ में हाल ही में एक इमारत में आग लगने की सूचना मिलते ही अपने कार्यक्रम रद कर मुख्यमंत्री घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पंचम तल पर स्टेट इमरजेंसी सेंटर स्थापित किया जा रहा है। यूपीएसडीएमए के उपाध्यक्ष लेफ्टीनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) योगेंद्र डिमरी ने कहा कि राज्य में मौसम की सटीक जानकारी के लिए डाप्लर वेदर रडारों की स्थापना की जा रही है। राजस्व राज्य मंत्री सुरेन्द्र दिलेर, राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव अपर्णा यू और राहत आयुक्त डा. हृषिकेश भाश्कर यशोद ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने अपदा प्रबंधन व बचाव को लेकर उल्लेखनीय कार्य करने वाले आठ कर्मचारियों को सम्मानित भी किया।