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नेपाल में भीषण बाढ़ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चिंतित, बार्डर के सभी जिलों को किया अलर्ट

Published: Wed, 26 Aug 2026 05:18 PM (IST)

Nepal Flood: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद 105 भारतीय नागरिकों के लापता होने पर चिंता जताई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

HighLights

  1. मुख्यमंत्री ने पशुपतिनाथ से की सबकी कुशलता की प्रार्थना

  2. बाढ़ का असर सीमावर्ती जिलों में पड़ने की आशंका

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। नेपाल में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद 105 भारतीय नागरिकों के लापता होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिंता जताई है। मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर समीक्षा बैठक के दौरान नेपाल के सीमा से सटे प्रदेश के जिलों के डीएम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वार्ता के दौरान उनको अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद 105 भारतीय नागरिकों के लापता होने पर चिंता जताई है। उन्होंने भगवान पशुपतिनाथ से सबकी कुशलता की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ का असर सीमावर्ती जिलों में पड़ने की आशंका है। नेपाल में करीब 400 पर्यटक लापता हैं, इनमें 105 भारतीय नागरिक हैं। बाढ़ के कारण 291 विदेशी और 80 नेपाली नागरिक लापता हैं।

चीन के तिब्बत में मौजूद गियिरोंग पोर्ट नेपाल के रसुवा जिले के ठीक सामने है। अचानक आई बाढ़ ने सबसे पहले यहीं तबाही मचाई और बाद में नेपाल में भारी नुकसान पहुंचाया। बाढ़ ने रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई है। नेपाल में आई इस तबाही के बाद उत्तर प्रदेश में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराजगंज और कुशीनगर में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहे। नेपाल की बाढ़ के कारण गंडक और नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को सतर्क रहने के साथ दोनों जिलों में तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद नेपाल में बाढ़ के बाद कुशीनगर प्रशासन अलर्ट पर है। डीएम और एसपी ने गांवों का दौरा किया। यहां पर नारायणी नदी के किनारे बसे गांवों के दौरे के दौरान लोगों को पैनिक न होने और सजग रहने के दिए निर्देश हैं।

नेपाल में आई बाढ़ के कारण महराजगंज में अलर्ट घोषित किया गया है। इसके साथ यहां गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से चिंता भी बढ़ी है। SDRF व पुलिस ने सायरन बजाकर लोगों को अलर्ट किया। प्रशासन ने नदी के किनारे वाले ग्रामीणों से बाढ़ पर पक्के मकान की छत पर जाने की अपील की है। सोहगीबरवा के शिकारपुर में भी अपील की गई है।

अधिकारियों को फील्ड पर निकलने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में हो रही बारिश से होने वाली जन हानि, पशु हानि व आर्थिक हानि का संज्ञान लिया। उन्होंने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड पर निकलने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने बाढ़ और बारिश से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायताउपलब्ध  कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जलभराव से जनमानस को समस्या न हो।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को अति वर्षा, आकाशीय बिजली से जन हानि,पशु हानि व आर्थिक हानि का आंकलन कर 24 घंटे में मुआवजा देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी प्रभावित परिवारों से संवाद बना कर उनको हर संभव सहायता उपलब्ध करवाएं। मुख्यमंत्री ने सभी  प्रदेशवासियों  से अपील की है कि आकाशीय बिजली  गिरने के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न  निकलें। अतिवृष्टि  के समय  नदियों  व जलाशयों  में  स्नान करते हुए विशेष  सावधानियां बरतें।

नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका

नेपाल में बाढ़ के प्रभाव से महाराजगंज व कुशीनगर में गंडक एवं नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी ने स्थानीय प्रशासन को नदियों के जलस्तर पर नजर रखते हुए पूरी सतर्कता बरतने को कहा है।

भारत करेगा नेपाल की मदद

दूसरी ओर नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड पर भारत सरकार ने बड़ा फैसला किया है। भारत सरकार बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए आपातकालीन राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर रही है। नेपाल में आई तबाही में कम से कम 105 भारतीय यात्री भी लापता हैं।

नेपाल में भारतीय दूतावास ने भारतीयों की मदद के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500।

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