यूपी में लाउडस्पीकर के जरिए भी दिया जाएगा मौसम का अलर्ट, CM योगी ने अफसरों को दिए कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को लाउडस्पीकर सहित विभिन्न माध्यमों से मौसम और आपदा अलर्ट जारी करने का निर्देश दिया है। ...और पढ़ें

लाउडस्पीकर के जरिए भी जारी किए जाएगा मौसम का अलर्ट

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मौसम व आपदा को लेकर लाउडस्पीकर से भी अलर्ट जारी किया जाए। उन्होंने राज्य में मौसम संबंधी पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक सटीक, त्वरित व जनकेंद्रित बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि मौसम संबंधी अलर्ट के लिए एफएम रेडियो, मोबाइल अलर्ट व इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल किया जाए।
शनिवार को उन्होंने अपने सरकारी आवास पांच कालीदास मार्ग पर राहत एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में पिछली 13 मई को आए आंधी-तूफान की समीक्षा प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि आईएमडी के मल्टी-हैजार्ड अर्ली वार्निंग सिस्टम (एमएचईडब्ल्यूएस) द्वारा इस घटना की सात दिन पहले से निगरानी की जा रही थी।
प्रारंभ में येलो वार्निंग जारी की गई, जिसे बाद में ऑरेंज वॉर्निंग तथा कई जिलों में रेड अलर्ट में अपग्रेड किया गया और तेज आंधी, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 60 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रफ्तार वाली हवाओं की आशंका जताई गई थी। कई स्थानों पर हवा की गति 80 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई।
लगाए जा रहे डाप्लर वेदर रडार
भदोही, प्रयागराज, फतेहपुर, लखनऊ, मीरजापुर, रायबरेली, कानपुर नगर और उन्नाव सहित कई जिलों के लिए 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक की हवा चलने संबंधी नाउकास्ट अलर्ट जारी किए गए थे। मुख्यमंत्री ने मौसम संबंधी पूर्व सूचना मिलने के बाद संबंधित जिलाधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा लिया।
मौसम को लेकर मुख्यमंत्री ने स्कूलों, पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही पेड़ों, बिजली के खंभों, होर्डिंग्स और कमजोर अस्थायी संरचनाओं की संवेदनशीलता का स्थानीय स्तर पर आकलन कर एसओपी तैयार करने को कहा।
बैठक में बताया गया कि आईएमडी द्वारा डाप्लर वेदर रडार, आटोमैटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस), ऑटोमैटिक रेन गेज स्टेशन (एआरजी), लाइटनिंग सेंसर, सैटेलाइट इमेज तथा न्यूमेरिकल वेदर प्रिडिक्शन माडल्स के माध्यम से प्रदेश में मौसम की लगातार निगरानी की जा रही है।
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मीडियम रेंज फोरकास्ट (चार से पांच दिन), शॉर्ट रेंज फोरकास्ट (दो से तीन दिन) तथा नाउकास्ट (तीन घंटे तक) स्तर पर थंडरस्टार्म और लाइटनिंग गतिविधियों का पूर्वानुमान जारी किया जाता है।
प्रदेश में 450 आटोमैटिक वेदर स्टेशन तथा 2000 आटोमैटिक रेन गेज स्थापित किए जा चुके हैं। अलीगढ़, झांसी, लखनऊ, वाराणसी और आजमगढ़ में डाप्लर वेदर रडार स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि बरेली, देवरिया और प्रयागराज में अतिरिक्त रडार लगाने की प्रक्रिया जारी है।
लखनऊ और प्रयागराज में विंड प्रोफाइलर रडार स्थापित किए जाने की कार्यवाही भी प्रगति पर है। बैठक में बताया गया कि यूएनडीपी के सहयोग से प्रदेश के 15 विभागों, सभी 75 जिलों तथा 20 प्रमुख नगरों के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान तैयार किए जा रहे हैं।