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    'बाढ़ राहत में न हो ढिलाई, तटबंधों की बढ़ाएं सुरक्षा'; CM योगी ने प्रभावित परिवारों को पट्टा-आवास देने के दिए निर्देश

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 10:50 PM (IST)

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले सप्ताह भारी बारिश की संभावना को देखते हुए बाढ़ प्रभावित जिलों में युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. बाढ़ प्रभावित जिलों में युद्धस्तर पर राहत कार्य संचालित करें।

    2. तटबंधों की सुरक्षा बढ़ाएं, कटान प्रभावितों को भूमि पट्टा दें।

    3. स्कूली वाहनों की फिटनेस व चालकों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

    उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता समय पर पहुंचे, तटबंधों की सुरक्षा में कोई कमी व ढिलाई न रहे और कटान से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास में तेजी लाई जाए। इसके साथ ही स्कूली वाहनों की फिटनेस और चालकों के अनिवार्य सत्यापन के निर्देश देकर बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया।

    मुख्यमंत्री ने गुरुवार रात बलिया, बाराबंकी, उन्नाव, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, कुशीनगर, मुजफ्फरनगर समेत बाढ़ प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य पूरी तत्परता से जारी रहें और सहायता वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

    सरकारी सहायता के लिए ना करना पड़े इंतजार

    जिन गांवों का संपर्क बाढ़ के कारण प्रभावित हुआ है, वहां राहत सामग्री, भोजन, दवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। किसी भी प्रभावित परिवार को सरकारी सहायता के लिए इंतजार न करना पड़े।

    मुख्यमंत्री ने सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, कुशीनगर, मुजफ्फरनगर और बलिया में नदियों के तटबंधों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कटान रोकने के लिए तत्काल प्रभावी उपाय करने को कहा। विशेष रूप से बलिया में कटान से प्रभावित परिवारों को शीघ्र भूमि का पट्टा और आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    बैठक में राहत आयुक्त ने जानकारी दी कि अगले एक सप्ताह के दौरान प्रदेश में अच्छी वर्षा होने की संभावना है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने, राहत सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी तैयारियां पहले से पूरी रखने के निर्देश दिए।

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    बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा और विद्यार्थियों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में केवल फिटनेस मानकों पर खरे उतरने वाले स्कूली वाहनों का ही संचालन किया जाए। साथ ही ई-रिक्शा, टैक्सी और स्कूल वाहनों के चालकों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन कराया जाए, ताकि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    खाद की एक भी बोरी की न हो कालाबाजारी

    प्रदेश में खाद के संकट की आशंकाओं के बीच मुख्यमंत्री ने पर्याप्त उपलब्धता का भरोसा दिलाया है। उन्होंने सभी डीएम को वितरण की पारदर्शी व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर पैक्स में अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था की जाए।

    यह भी पढ़ें- 'खाद की एक भी बोरी की ना हो कालाबाजारी', CM योगी ने सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के दिए निर्देश

    कहा कि खाद की एक भी बोरी की कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए और सीमावर्ती जिलों में सतर्कता बरती जाए। किसानों के लिए यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। खतौनी का सत्यापन कर ही खाद का वितरण किया जाए। नेपाल सीमा से सटे जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए।