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'सुशासन के लिए जीरो टॉलरेंस जरूरी', CM योगी बोले- कुछ लोगों को लगता था पुलिस को रौंद देंगे, आज उनका भ्रम हुआ चकनाचूर

Published: Fri, 14 Aug 2026 10:27 PM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिस की कार्यशैली में बदलाव आया है और अपराधियों का दंभ चकनाचूर हो गया ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

HighLights

  1. पुलिस की कार्यशैली में आया बड़ा बदलाव, अपराधियों का दंभ टूटा।

  2. सुशासन हेतु अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति आवश्यक।

  3. यूपी पिछले नौ सालों से दंगा और कर्फ्यूमुक्त है।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की नई पहचान में पुलिस की कार्यशैली को श्रेय देते हुए कहा कि एक दौर ऐसा था जब बहुत से लोगों को यह गफलत थी कि वे अपनी संख्या बल पर पुलिस को रौंद देंगे, अब उनका दंभ चकनाचूर हो चुका है।

पुलिस की शैली और क्षमता में बदलाव आ गया है। अब अगर कोई दुस्साहस करेगा तो सजा भुगतनी होगी। चाहे वह किसी नेता या अधिकारी का पुत्र ही क्यों न हो।सुशासन के लिए सुरक्षित माहौल और अपराधियों के प्रति जीरो टालरेंस जरूरी होता है।

वह शुक्रवार को लोकभवन में पुलिस गीत ‘खाकी का सितारा’ की लांचिंग में बोल रहे थे। योगी ने कहा आतंकवाद, दंगे और नक्सलवाद कायरता की निशानी हैं, जो सामने से लड़ नहीं सकता, वही पीछे से वार करता है।

पिछले नौ सालों से प्रदेश दंगा और कर्फ्यूमुक्त - CM योगी

राज्य में अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टालरेंस नीति है। इसके लिए जो भी करना होगा, सरकार वह करेगी। यूपी पुलिस ने अपराध नियंत्रण के लक्ष्य हासिल करते हुए कई नए मानक स्थापित किए हैं। पिछले नौ वर्षों से प्रदेश दंगा और कर्फ्यूमुक्त है।

30 जनवरी 2020 को फर्रुखाबाद में बंधक बना लिये गये 23 बच्चे को सुरक्षित छुड़ाने कार्रवाई की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने ऐसा दौर देखा है, जब बंधक बच्चों को सुरक्षित छुड़ाने की चुनौती थी। उस समय वह अभियान आगे बढते देख रहे थे। अंततः बच्चों को बचा लिया गया। अपराधी मारे गए। ऐसे अभियानों से पुलिस का शौर्य और जनता की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता दिखती है।

मुख्यमंत्री ने किसी वर्ग, समूह, अपराधी का नाम लिए बगैर कहा कि एक समय ऐसा था, जब अपराधी पुलिस पर भारी पड़ते थे। पुलिस पीछे हटती थी। उस समय बहुत से लोगों को भ्रम रहता था कि वे अपनी संख्या के बल पर यूपी पुलिस को रौंद देंगे। अब उनका दंभ चकनाचूर हो चुका है।

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लखनऊ की एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, इसी शहर में पुलिस अधिकारी को कार की बोनट पर घसीटकर ले जाने का प्रयास किया गया था, वह समय अब बीत चुका है। अब कोई ऐसा दुस्साहस करेगा तो सजा भुगतनी होगी, चाहे वह किसी नेता, अधिकारी का पुत्र ही क्यों न हो। कानून के सामने किसी के प्रभाव या पहचान का कोई महत्व नहीं होगा और दुस्साहस करने वाले को उसकी कीमत चुकानी होगी।