विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Note Ban: शहरी बैंकों में भीड़, ग्रामीण क्षेत्रों में नोट न पहुंचने से मायूसी

By Nawal MishraEdited By:
Updated: Thu, 10 Nov 2016 11:16 PM (IST)

1000-500 की नोटों की वापसी के लिए आज बैंकों में ग्राहकों की भीड़ रही। प्रदेश के शहरों में अधिकांश बैंकों का हाल एक जैसा दिखा। ग्राहक सुबह-सुबह बैंक आ पहुंचे।

News Article Hero Image

लखनऊ (जेएनएन)। 1000-500 की नोटों की वापसी के लिए आज बैंकों में ग्राहकों की जबरदस्त भीड़ रही। प्रदेश के सभी शहरों में अधिकांश बैंकों का हाल एक जैसा दिखा। ग्राहक सुबह-सुबह ही बैंक आ पहुंचे। जबरदस्त भीड़ से कई जगहों पर अव्यवस्था का माहौल भी दिखाई दिया। बैंकों की ओर से अतिरिक्त स्टाफ व काउंटर की व्यवस्था रही। ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों में नए नोट न आने लोग हुए मायूस दिखे, वहीं दुकानों व बाजारों में ग्राहकों का टोटा देखने को मिला।

राजधानी लखनऊ में बैंक और डाकघरों में देर शाम तक लंबी कतार लगी रही। हजारों लोगों ने पांच सौ और एक हजार रुपये कीमत वाले नोटों को बदलने के साथ जमा भी कराया। इलाहाबाद, प्रतापगढ़ और कौशांबी में भी यही आलम नजर आया। बैंकों में अफरातफरी सी रही। बुदेलखंड के महोबा, चित्रकूट, उरई, बांदा तथा हमीरपुर व मध्य यूपी के सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था के बीच बैंकों में रही ग्राहकों की भारी भीड़ लगी रही। उन्नाव, फतेहपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, औरैया, इटावा, हरदोई तथा हमीरपुर के अधिकतर बैंकों में केवल दस के नोट का भुगतान किया गया। कानपुर के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में लेन-देन सुचारु रूप से चला, लेकिन देहात क्षेत्रों में तकनीकी दिक्कतों के कारण लोगों का परेशानियों का सामना करना पड़ा। गोरखपुर-बस्ती मंडल में बैंक की कुछ शाखाएं दोपहर दो बजे बंद हो गईं। उपभोक्ता सुबह से लाइन लगाकर खड़े रहे। बैंक खुलते-खुलते भारी भीड़ हो गई।

ज्यादातर को सौ के नोट मिले

आगरा, मथुरा, फीरोजाबाद तथा मैनपुरी के अलावा अलीगढ़ मंडल के एटा में भी सभी बैंक शाखाओं में भीड़ लगी रही। सुबह सात बजे से ही भीड़ जुट गई। पुलिस व्यवस्था चाक चौबंद थी। छिटपुट विवाद तो हुए पर कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। कहीं सुबह नौ बजे, तो कहीं 11 बजे से काउंटरों से नकदी मिलना शुरू हुई। खास बात रही कि 500 और दो हजार के नए नोट कम लोगों को ही मिले। ज्यादातर लोगों को सौ के नोट मिले। बरेली में सरकारी बैंकों की अपेक्षा निजी बैंकों में ज्यादा रुपये जमा हुए। मेरठ में बाजार खुले जरूर, लेकिन कारोबार न के बराबर हुआ। आइसीआइसीआइ बैंक की कुछ शाखाओं में ही 2000 और 500 के नए नोट मिले। अन्य बैंकों में टोटा रहा। सहारनपुर में कई जगह बैंकों पर झड़पें हुईं। डाकघरों में 15 मिनट बाद ही कैश खत्म हो गया। बुलंदशहर में बैंक खुलने से पहले ही लोगों की लाइन लग गई। बागपत और हापुड़ में भी यही हाल रहा।

पांच सौ का नोट न लेने पर ग्राहक ने चाकू घोंपा

पांच सौ रुपये का नोट जी का जंजाल बन गया। गुरुवार को गलशहीद थाना क्षेत्र के असालतपुरा दो कुओं वाली मस्जिद के पास पांच सौ रुपये का नोट लेने से इन्कार करने पर तीन युवकों ने तोडफ़ोड़ कर बिरयानी सेंटर पर काम करने वाले कर्मचारी को चाकू घोंप दिया। गंभीरावस्था में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मुरादाबाद सिविल लाइंस के पुराना आरटीओ का रहने वाला मुहम्मद असद कमाल बिरयानी सेंटर असालतपुरा में काम करता है। गुरुवार दोपहर तीन युवक जमाल, फैजान और जावेद ने बिरयानी खाने के बाद भुगतान के बारे में पूछा तो कर्मचारी ने एक सौ चालीस रुपये बता दिए। जमाल के पांच सौ रुपये का नोट देने पर इंकार करने पर तीनों ने तोडफ़ोड़ कर मारपीट शुरू कर दी। एक युवक ने कर्मचारी पर चाकू से हमला कर दिया। शोर मचा तो तीनों भाग निकले। गलशहीद थाना प्रभारी सिराजुद्दीन ने बताया कि पांच सौ रुपये के नोट को न लेने पर चाकू घोंपा गया। आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।

पढ़ें- नोट बैन का असर, बरेली में जलते मिले 500 और 1000 के नोट

पढ़ें- तकरार, झड़प और हंगामा कराती रही 1000-500 के नोटों पर पाबंदी