लखनऊ में धनतेरस पर भी पटाखा बाजार ने पकड़ा जोर, अब तक 18 करोड़ का पटाखा कारोबार
Cracker Market in Lucknow:

दुबग्गा थोक पटाखा बाजार में धनतेरस के दिन लोग। जागरण
HighLights
राजधानी में 60 स्थानों पर 1201 पटाखों की दुकानें लगी
वर्ष 2025 में 56 स्थानों पर थीं 1018 पटाखा की दुकानें
जागरण टीम, लखनऊ । पटाखों की दुकानों पर धनतेरस (शुक्रवार) को भी खूब भीड़ रही। राजधानी के 60 स्थानों पर 1201 पटाखों की दुकानें लगाई गई थी। इसके अलावा दुबग्गा की थोक मंडी में जबरदस्त भीड़ रही।
कुल पटाखा कारोबार अब तक 18 करोड़ से ज्यादा का माना जा रहा है। इसमें थोक मंडी सत्तर प्रतिशत हिस्सेदारी है। दुबग्गा मंडी हो या फुटकर दुकानों में लोग सुबह 11 बजे से ही पहुंचना शुरू हो गए थे। कोई बच्चों के साथ पहुंचा तो कोई अपने मित्रों के साथ पटाखा बाजार पहुंचा।
गोमती नगर के विनय खंड पांच, नाका, इंदिरा नगर, चिनहट, सरोजनी नगर, तेलीबाग, निशातगंज में लगी पटाखों की दुकानों में भीड़ उमड़ पड़ी। वर्ष 2025 में 56 स्थानों पर 1018 पटाखा की दुकानें लगाई गई थी। इस बार दुकानों की संख्या बढ़ गई है। ग्राहकों ने इसका खूब फायदा उठाया। दुबग्गा मंडी में चार नवंबर तक 12 करोड़ के पटाखे बिक गए थे। व्यापारियों के मुताबिक वर्ष 2025 की तुलना में 15 प्रतिशत उछाल पटाखा बाजार में है। शुक्रवार व शनिवार को पटाखा बाजार में अत्याधिक भीड़ होने का अनुमान है।
पटाखा बाजार इस बार वर्ष 2025 का रिकार्ड तोड़ने को बेताब है। वर्ष 2025 में 16 करोड़ का पटाखा बिका था। हालांकि इस बार पच्चासी से नब्बे प्रतिशत खरीदारी हो गई है। अब छोटी दीपावली और दीपावली वाले दिन दस से पंद्रह प्रतिशत ही ग्राहक बचे हैं, जो शनिवार और रविवार को खरीदारी करेंगे।
यही वही खरीदार हैं तो दो से पांच हजार रुपये के बीच में पटाखा शहर में लगने वाली दुकानों से खरीदते हैं। राजधानी के अलग अलग क्षेत्रों में लगने वाली पटाखा दुकानें भी आठ नवंबर तक खुली रहेंगी। लखनऊ के अलावा सीतापुर, बाराबंकी, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, अयोध्या, सुलतानपुर जिलों से कुछ व्यापारी आज भी थोक मंडी पहुंचे, यह वह ग्राहक थे, जिनके माल कम पड़ गए थे।
उधर लखनऊ के फुटकर दुकानदारों की भीड़ भी छह नवंबर को रही। पटाखा के थोक व्यापारियों का कहना है कि राजधानी के अलग-अलग क्षेत्रों में दुकान लगाने वाले फुटकर दुकानदार अभी भी माल लेने आ रहे हैं। क्योंकि माल तेजी से बिक रहा है। थोक कारोबारियों व फुटकर दुकानदारों ने धनतेरस के दिन गोदाम से लेकर शोरूम तक कर्मचारियों की संख्या पांच नवंबर से दोगुनी कर दी है। वहीं बाजार अब आठ नवंबर तक रात 10:30 बजे तक खुला रहेगा।
व्यापारियों के मुताबिक बाजार में उत्साह है। लोग जेब सोच समझकर खर्च कर रहे हैं। कम बजट में अच्छी चीज खोजकर आ रहे हैं। यही नहीं थोक बाजार में भी दो से तीन जगह रेट लेने के बाद आ रहे हैं।
ओलिंपिक टार्च, ट्री अनार, हेलीकाप्टर की खूब डिमांड
दीपावली पर्व में आतिशबाजी के शौकीन दुबग्गा स्थित थोक बाजार पहुंच रहे हैं। हर साल की तरह इस बार भी लखनऊ-हरदोई मार्ग पर स्थित दुबग्गा क्षेत्र के अमेठिया सलेमपुर की पटाखा मंडी में चहल-पहल कई दिनों से है। नए आइटमों में हवा में उड़कर दगने वालों में हेलीकाप्टर, बटरफ्लाई, फोटो फ्लैश, आसमानी शाट, ओलिंपिक टार्च सहित लायन, डक और ट्री अनार की लंबी रेंज बाजार में मौजूद है।
इसके अलावा शोर-गुल से दूर रहने वालों के लिए फुलझड़ी, पाप, चरखी, माचिस समेत कम आवाज वाले पटाखे भी हैं। पर्यावरण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष दुबग्गा पटाखा मंडी में ग्रीन पटाखों की सबसे अधिक मांग है। ग्राहकों की डिमांड पर फुटकर दुकानदार अधिक रोशनी, कम धुएं वाले पटाखे मांग रहे हैं। बाजार में इको-फ्रेंडली ग्रीन अनार, चरखी, बच्चों के लिए विशेष रूप से बिना धुएं वाली ''म्यूजिकल चरखी'', ''कलरफुल स्मोक अनार'' और ''पाप-अप शाट'' आए हैं, जो रोशनी अधिक और प्रदूषण कम करते हैं।
पिचकारीनुमा अनार, रंग बिरंगी एक मीटर लंबी फुलझड़ी, अनार, चटाई, चरखी की डिमांड बाजार में सबसे अधिक है। बच्चे व बेटियों के लिए कम आवाज व अधिक रोशनी वाले पटाखे बिक रहे हैं। इसी तरह फोटो फ्लैश पटाखा, मोर की पंख की तरह क्रैक होने वाला पिकाक पटाखा उपलब्ध है। दुकानदार रईस ने बताया कि लायन, ट्री, डक नाम के पटाखे ग्राहकों को पसंद आ रहे हैं। चटाई, चरखी, अनार व आसमानी शाट परम्परागत पटाखों की भी खूब मांग है।
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