विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तीन तलाकः आला हजरत खानदान की बहू रहीं निदा के घर जुटीं तलाक पीडि़ताएं

By Nawal MishraEdited By:
Updated: Sun, 30 Apr 2017 10:21 PM (IST)

आला हजरत खानदान की बहू के दर से तीन तलाक के खिलाफ आवाज बुलंद हो रही है। यहां तलाकशुदा महिलाएं एकत्र हुईं। अब वह अपना दर्द सीएम तक पहुंचाएंगी।

तीन तलाकः आला हजरत खानदान की बहू रहीं निदा के घर जुटीं तलाक पीडि़ताएं
तीन तलाकः आला हजरत खानदान की बहू रहीं निदा के घर जुटीं तलाक पीडि़ताएं

बरेली (जेएनएन)। आला हजरत खानदान की बहू के दर से तीन तलाक के खिलाफ आवाज बुलंद हो रही है। यहां तलाकशुदा महिलाएं एकत्र होकर अपना दर्द बांटने के साथ हक की लड़ाई मिलकर संघर्ष करने की रणनीति बना रहीं है। अब वह अपना दर्द मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाएंगी। ऐेसी महिलाओं में उन्नीस साल की निशा से शौहर ने कोरे कागज पर दस्तखत कराए और उस पर तलाक का मजमून टाइप करा लिया। उसके बाद उसे घर से निकाला और सास मायके आकर अपने बेटे की जिंदगी से बाहर होने का लिखित फरमान थमा गईं। निशा की जिंदगी में अब अंधेरा है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही। इंसाफ के लिए वह तीन तलाक की लड़ाई लड़ रही निदा खान के पास पहुंची और जहां अन्य पीडि़ताओं ने भी पत्रकारों के सामने रोते हुए दर्द बयां किया। 

यह भी पढ़ें: बारातियों के साथ नागिन को नाचते देख भगदड़, दूल्हा मंडप छोड़ भागा

तलाक के लिए तरह तरह की यातनाएं

बरेली पुराना शहर के मुहल्ला रबड़ी टोला की रहने वाली निशा गरीब परिवार से हैं। मुहल्ले के ही शबाब से लव मैरिज हुई। पेशे से ड्राईवर शबाब के घरवाले शादी के खिलाफ थे। निशा को तरह-तरह से परेशान किया। निशा ने बताया कि सास और ननद शबाब के कमरे में नहीं जाने देते थे। अलग सोने के लिए कहते थे। कुछ कहने पर मारपीट की जाती थी। थोड़े वक्त के बाद शौहर का मूड भी बदलने लगा। वह घरवालों की बोली बोलने लगे। यातनाएं दी जाने लगीं कि घर छोड़कर चली जाऊं। नहीं गई तो एक दिन बातों में फंसाकर सादे कागज पर दस्तखत करा लिए। अगले दिन मारपीट करके घर से निकाल दिया। मायके में गई तो वहां आकर सास कागज पकड़ा गईं। पढ़ा तो इसमें तलाक और महर माफ करने की बात लिखी थी। बारादरी पुलिस से शिकायत की तो मुकदमा दर्ज नहीं किया। ससुराल वाले घर पर चढ़ आए और दूसरी मर्तबा थाने जाने पर जान से मारने की धमकी दे दी। 

तस्वीरों में देखें-योगी से मिलने को उमड़े फरियादी

फिजियोथिरेपिस्ट के साथ जुल्म

पीलीभीत की रहने वाली उज्मा को भी शौहर ने तलाक देकर घर से निकाल दिया। निदा खान ने बताया कि डॉ. उज्मा की शादी फर्रूखाबाद में हुई थी। शौहर का जयपुर में मेडीकल कॉलेज है। तलाक स्पीड पोस्ट से लेटर भेजकर दिया है। अब शौहर जिस अस्पताल में उज्मा सर्विस करती हैं, वहां से निकालने को दबाव बना रहा है।

यह भी पढ़ें: योगी का नया एक्शन : प्रेजेंटेशन के बाद अब यूपी सभी विभागों के श्वेतपत्र 

मुख्यमंत्री से मिलेंगी

निदा खान ने बताया कि तलाकशुदा महिलाओं का दर्द मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा। आज सभी महिलाएं निदा के शाहदाना स्थित आवास पर इकट्ठा हुईं। इनमें बेबी अफरोज भी थीं, जिनकी तीन साल की बेटी आयरा नाज के दिल में छेद है। डॉक्टर ने जब यह बात बताई तो शौहर ने खर्च से डरकर तलाक दे दिया। इसके अलावा जुबेरा उर्फ अलीना, वाजिदा तबस्सुम, शबीना उर्फ बेबी का मामला भी मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा। महिलाओं का कहना है कि शौहरों ने तलाक देने के बाद महर भी नहीं लौटाया है। बता दें कि निदा आला हजरत खानदान की बहू थीं। उनका भी तलाक हो चुका है। अब वह मुस्लिम महिलाओं के साथ होने वाली नाइंसाफी के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं। 

तमंचे के दम पर तीन तलाक

तीन तलाक का एक अनोखा मामला सामने आया है। प्रतापगढ़  के मिर्जा का बाग निवासी इश्तियाक पर उसके घर वालों ने रिवाल्वर के बल पर उसकी बीवी से तीन तलाक दिलवा दिया। फिर मार-पीटकर महिला को घर से बाहर निकाल दिया। पीडि़ता ने डीएम से न्याय की फरियाद की है।सुलतानपुर के लंभुआ क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी मोहम्मद जब्बार ने बेटी रेहाना बानो का निकाह इसी साल पांच फरवरी को इश्तियाक से किया था। रेहाना का कहना है कि शादी के बाद में इश्तियाक का भाई मोहम्मद पप्पू, उसकी बहन रिजवाना, रिजवाना का बेटा राजू दहेज में एक लाख रुपये, फ्रिज, कूलर, टीवी की मांग करने लगे। उसका उत्पीडऩ शुरू कर दिया गया। 26 अप्रैल की रात पप्पू, रिजवाना, राजू ने घर में उसे बेरहमी से मारा पीटा। बचाने के लिए शौहर इश्तियाक दौड़ा तो पप्पू ने उस पर रिवाल्वर तान दी। धमकी दी कि अगर रेहाना को तलाक नहीं दिया तो जान से मार दिया जाएगा। मजबूर होकर इश्तियाक ने उसे तीन बार तलाक कह दिया। इसके बाद उसे घर से निकाल दिया। शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। डर के कारण उसने माता-पिता को भी सूचना नहीं दी। हालांकि बाद में मायके वालों को जानकारी होने पर उसे अपने साथ ले गए।