यूपी के पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा बने अंडमान निकोबार के उप-राज्यपाल, 2027 चुनाव से पहले भाजपा ने चला बड़ा दांव
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नया ...और पढ़ें

डॉ. दिनेश शर्मा ।
HighLights
डॉ. दिनेश शर्मा अंडमान निकोबार के नए उप-राज्यपाल बने।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा।
यूपी के पूर्व डिप्टी सीएम और भाजपा राज्यसभा सांसद हैं।
राज्य ब्यूरो लखनऊ। उतर प्रदेश में विधान सभा चुनाव से पहले भाजपा ने अपने पुराने वोटबैंक ब्राह्मण समाज को एकजुट बनाए रखने की रणनीति के तहत एक और बड़ा संदेश दिया है। यूपी में पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा को अंडमान-निकोबार का उपराज्यपाल बनाया गया है।
उनको यूपी में ब्राह्मण चेहरे के रूप में देखा जाता है। इससे पहले हाल ही भाजपा ने ब्राह्मण चेहरे के तौर पर ही हरीश द्विवेदी को संगठन में राष्ट्रीय महामंत्री बनाया है। इन संदेशों के सहारे भाजपा अपने विरोधी दल सपा और बसपा की ब्राह्मणों को साधने की रणनीति की काट में जुटी है।
डॉ. दिनेश शर्मा लखनऊ विश्वविद्यालय में वाणिज्य के प्रोफेसर हैं। वह लंबे से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा से जुड़े हैं। वर्ष 2006 और वर्ष 2012 में वह लखनऊ के महापौर चुने गए थे। इसके बाद वर्ष 2014 से 2018 तक उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और गुजरात भाजपा के प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाली।
इसके बाद दो बार विधान परिषद सदस्य रहे और इसी दौरान वर्ष 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर इनको मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। वर्ष 2023 में उनको राज्यसभा सदस्य बनाया गया था। अब उनको राज्यपाल बनाने के फैसले को उत्तर प्रदेश में भाजपा की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रदेश में ब्राह्मण समाज, लंबे समय से भाजपा का वोटर रहा है। वर्ष 2007 में बसपा प्रमुख मायावती ने भी ब्राह्मणों के साथ से ही प्रदेश में सरकार बनाई थी और इस बार भी वह अपने पुराने सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले को दोहराने की कोशिश में जुटी हैं। वहीं सपा प्रमुख यादव ने भी ब्राह्मणों को साधने का दांव चल दिया है, हाल ही में समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पीडीए में पीडी को पंडित की शार्ट फार्म बताया था।
इस बीच यूजीसी के नये नियमों के मामले से लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण तक, ब्राह्मणों के भाजपा के नाराज होने की भी चर्चाएं हैं। ऐसे में विरोधियों की रणनीति को कमजोर करने के लिए भाजपा लगातार समाज को सम्मान और हिस्सेदारी का संदेश देने में जुटी है। हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाना इसी रणनीति का हिस्सा माना गया था और दिनेश शर्मा को उपराज्यपाल बनाना भी इसी का हिस्सा माना जा रहा है।
वहीं राज्यपाल बनाए जाने के बाद दिनेश शर्मा ने कहा कि मुझे सदैव पार्टी का पूरा आशीर्वाद मिला है और मैंने हर जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से किया है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह भारत के लिए सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने मुझ पर विश्वास किया है, मैं उनके उस विश्वास पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा।
