ईद मिलाद-उन-नबी 26 को, 12वीं रबी उल अव्वल की पहली तारीख भी घोषित
Eid Milad Un Nabi: काजी-ए-शहर मौलाना खालिद रशीद फरंगी ने बताया कि गुरुवार को रबी उल अव्वल का चांद नजर ...और पढ़ें

ईद मिलाद-उन-नबी 2026
HighLights
गुरुवार को नहीं दिखा चांद, मरकजी चांद कमेटी फरंगी महल के सदर ने दी जानकारी
रबी उल अव्वल की पहली तारीख 15 अगस्त को
जागरण संवाददाता, लखनऊ। ईद मिलाद-उन-नबी (12 रबी-उल-अव्वल) 26 अगस्त बुधवार को मनाया जाएगा। रबीउल अव्वल का चांद दिखने के आधार पर तारीख तय होता है। गुरुवार को चांद न दिखने के कारण यह मुबारक दिन 26 अगस्त को मनाया जाएगा।
मरकजी चांद कमेटी फरंगी महल के सदर एवं काजी-ए-शहर मौलाना खालिद रशीद फरंगी ने बताया कि गुरुवार को रबी उल अव्वल का चांद नजर नहीं आया। इस कारण रबी उल अव्वल की पहली तारीख 15 अगस्त को होगी। वहीं ईद मिलाद-उन-नबी 26 अगस्त को होगी।
पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब का जन्म दिन (12 रबी-उल-अव्वल) पर यह आयोजन होता है। इस दिन जुलूस के साथ मिलाद की महफिलें और विशेष इबादत की जाती है। ईद-ए-मिलाद के रूप में जाना जाने वाला, मिलाद-उन-नबी पैगम्बर मुहम्मद के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
यह उत्सव मुहम्मद के जीवन और उनकी शिक्षाओं की भी याद दिलाता है। मिलाद-उन-नबी इस्लामी पंचांग के तीसरे महीने रबी-उल-अव्वल के 12वें दिन मनाया जाता है। मुहम्मद का जन्मदिन हालांकि एक खुशहाल अवसर है, लेकिन मिलाद-उन-नबी शोक का भी दिन है। यह इस वजह से क्योंकि रबी-उल-अव्वल के 12वें दिन ही पैगम्बर मुहम्मद की मृत्यु भी हुई थी।
मिलाद-उन-नबी इस्लाम के प्रमुख पैगम्बर मुहम्मद का जन्मोत्सव है। ऐतिहासिक ग्रंथों के अनुसार, मुहम्मद का जन्म सन् 570 में सऊदी अरब में हुआ था। इस्लाम के ज्यादातर विद्वानों ने पता लगाया है कि मुहम्मद का जन्म इस्लामी पंचांग के तीसरे महीने के 12वें दिन हुआ है।
अपने जीवनकाल के दौरान, मुहम्मद ने इस्लाम धर्म की स्थापना की और एकमात्र साम्राज्य के रूप में सऊदी अरब का निर्माण किया जो अल्लाह की इबादत के लिए समर्पित था। सन् 632 में पैगम्बर मुहम्मद की मृत्यु के बाद, कई मुसलमानों ने विविध अनौपचारिक उत्सवों के साथ उनके जीवन और उनकी शिक्षाओं का जश्न मनाना शुरू कर दिया।
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