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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दीपावली से पहले महंगी हो सकती है बिजली, फ्यूल सरचार्ज के एवज में 1.09 रुपये प्रति यूनिट तक दर बढ़ाने को मंजूरी

    By Jagran NewsEdited By: Abhishek Pandey
    Updated: Wed, 30 Aug 2023 07:37 AM (IST)

    ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने पिछले दिनों भले ही बिजली की दर न बढ़ाए जाने की बात कही थी लेकिन पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने फ्यूल सरचार्ज के एवज में बिजली महं ...और पढ़ें

    फ्यूल सरचार्ज के एवज में 1.09 रुपये प्रति यूनिट तक दर बढ़ाने को मंजूरी
    फ्यूल सरचार्ज के एवज में 1.09 रुपये प्रति यूनिट तक दर बढ़ाने को मंजूरी

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने पिछले दिनों भले ही बिजली की दर न बढ़ाए जाने की बात कही थी, लेकिन पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने फ्यूल सरचार्ज के एवज में बिजली महंगी करने के प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग से वापस नहीं लिया।

    इस पर आयोग ने 1.09 रुपये प्रति यूनिट तक बिजली दर बढ़ाने संबंधी कारपोरेशन के प्रस्ताव को अब हरी झंडी दे दी है। ऐसे में दीपावली से पहले घरेलू बिजली 56 पैसे प्रति यूनिट तक और महंगी हो सकती है। दुकान (वाणिज्यिक) की बिजली 87 पैसे और उद्योगों की 74 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी होगी।

    तीन सप्ताह में दर्ज करा सकेंगे आपत्ति

    आयोग द्वारा पहली बार मंजूर किए गए प्रस्ताव को अब पावर कारपोरेशन की वेबसाइट पर अपलोड कर सार्वजनिक किया जाएगा। कोई भी विद्युत उपभोक्ता तीन सप्ताह में प्रस्तावित दरों पर आपत्ति दर्ज करा सकेगा।

    सभी आपत्तियों को निस्तारित कर दरों को अंतिम रूप दिया जाएगा। माना जा रहा है कि बढ़ी हुई दरें एक अक्टूबर से लागू होंगी। दरअसल, जनवरी, फरवरी व मार्च की चौथी तिमाही के लिए फ्यूल सरचार्ज के नाम पर कारपोरेशन प्रबंधन ने बिजली महंगी कर उपभोक्ताओं से 1437 करोड़ रुपये वसूलने के लिए 26 जुलाई को आयोग में प्रस्ताव दाखिल किया था।

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    दाखिल प्रस्ताव के मुताबिक कारपोरेशन ने फ्यूल सरचार्ज के मद में 61 पैसे प्रति यूनिट के आधार पर अलग-अलग श्रेणीवार औसत बिलिंग दर के जरिए 28 पैसे से 1.09 रुपये प्रति यूनिट तक बिजली की दरों में बढ़ोतरी प्रस्तावित की है।

    वैसे तो फ्यूल सरचार्ज के मद में 12 पैसे प्रति यूनिट बिजली महंगी करने का प्रस्ताव पहले भी कारपोरेशन ने आयोग को सौंपा था, लेकिन आयोग ने उसे खारिज कर दिया था। एक जनवरी 2020 को फ्यूल सरचार्ज के एवज में बिजली महंगी करने का पहली बार आदेश भी हो गया था, लेकिन अगले ही दिन आयोग ने उस पर रोक लगा थी।

    प्रस्ताव असंवैधानिक, सस्ती हो 30 पैसे प्रति यूनिट बिजली

    फ्यूल सरचार्ज के एवज में कारपोरेशन के प्रस्ताव को असंवैधानिक बताते हुए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने भी आयोग में याचिका दाखिल की है। प्रस्ताव को खारिज करने की मांग करते हुए परिषद अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने कहा है कि कानूनन 30 पैसे प्रति यूनिट बिजली सस्ती होनी चाहिए।

    प्रस्ताव को आयोग की अवमानना बताते हुए वर्मा का कहना है कि आयोग ने जून 2020 में इस संबंध में कानून बनाया था, जिसे कारपोरेशन प्रबंधन ने दरकिनार कर मनमाने तरीके से बिजली महंगी करने का प्रस्ताव दाखिल किया। जब उपभोक्ताओं का ही बिजली कंपनियों पर लगभग 33,122 करोड सरप्लस निकल रहा है, तब फिर इस तरह का प्रस्ताव खारिज होना चाहिए।

    वर्मा ने बताया कि उपभोक्ताओं के हित में हम जोरदार तरीके से इसकी लड़ाई लड़ेंगे।