लखनऊ में वादाखिलाफी से भड़के किसान, धरना के 18वें दिन किया विभागों का सांकेतिक अंतिम संस्कार
Lucknow News: अधिकारियों की लगातार वादाखिलाफी से नाराज किसानों ने शनिवार को अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया।

किसानों ने किया विभागों का सांकेतिक अंतिम संस्कार
HighLights
पांच किसानों ने सिर मुड़वाकर किया दसवां संस्कार
तेरहवीं और बुद्धि-शुद्धि के लिए हवन का ऐलान
संवाद सूत्र, लखनऊ। निगोहां के नगराम के कुबहरा गांव में चल रहा किसानों का धरना शनिवार को 18वें दिन भी जारी रहा। अधिकारियों की लगातार वादाखिलाफी से नाराज किसानों ने शनिवार को अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया।
किसानों ने पीडब्ल्यूडी और वन विभाग के साथ तहसील प्रशासन को मृत मनाकर उनका सांकेतिक अंतिम संस्कार किया और विभागों की कार्यप्रणाली के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। किसानों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने समस्या के समाधान के लिए तय समय के अनुसार तीन दिन पहले धरनास्थल पहुंचने का आश्वासन दिया था, लेकिन अधिकारी अपने वादे पर खरे नहीं उतरे।
इससे नाराज किसानों ने विभागों की अनदेखी के विरोध में सांकेतिक रूप से अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। इस दौरान मुंडन कराया गया, डाभ गाड़कर जल श्रद्धांजलि दी गई और मिट्टी, गिट्टी, मौरंग, ईंट के टुकड़े व गोबर को थाली में रखकर विभागों को भोग अर्पित किया गया। किसानों ने बेहया के फूल चढ़ाए और प्रतीकात्मक रूप से देशी-विदेशी शराब अर्पित किया।
किसानों ने धरने के दौरान ऐलान किया कि 13वें दिन विभागों की तेरहवीं की जाएगी। संगठन के मंडल महामंत्री हरिपाल सिंह ने कहा कि महाभारत में पांडव पांच थे, इसलिए पांच किसानों ने मुंडन कराया है। इनमें हरिपाल सिंह, रामकुमार, बाबादीन, घूरूलाल और मनोज कुमार शामिल रहे।
उन्होंने कहा कि संगठन के संरक्षक श्रीकृष्ण हैं और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर किसानों ने यह प्रतीकात्मक कार्यक्रम किया है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में पीडब्ल्यूडी को दुर्योधन, वन विभाग को भीष्म पितामह और राजस्व विभाग को द्रोणाचार्य की संज्ञा देते हुए कहा कि अब इन विभागों की कार्यप्रणाली में बदलाव का समय आ गया है।
